स्वनिर्मित सौर कार से 3,000 किलोमीटर का सफर

स्वनिर्मित सौर कार से 3,000 किलोमीटर का सफर
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Bhup Singh | Publish: Dec, 09 2015 11:35:00 AM (IST) विज्ञान और तकनीक

IISF में हिस्सा लेने एक 63 वर्षीय व्यक्ति अपनी स्वनिर्मित सौर ऊर्जा से चलने वाली कार में बेंगलुरू से 3,000 किलोमीटर की यात्रा कर सोमवार को दिल्ली पहुंचे

नई दिल्ली। पहली बार आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भारत विज्ञान मेला (आईआईएसएफ) में हिस्सा लेने एक 63 वर्षीय व्यक्ति अपनी स्वनिर्मित सौर ऊर्जा से चलने वाली कार में बेंगलुरू से 3,000 किलोमीटर की यात्रा कर सोमवार को दिल्ली पहुंचे। सैयद सज्जन अहमद को यह दुष्कर सफर तय करने में 30 दिन लगे और इस दौरान उन्होंने विंध्य पठारी इलाके से होकर भी गुजरे। बेंगलुरू से 70 किलोमीटर दूर कोलार में जन्मे सज्जन ने 12वीं में पढ़ाई छोड़ दी। सज्जन ने बताया कि उन्होंने अपना करियर फल बेचने वाले के रूप में शुरू किया और बाद में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत की एक दुकान खोल ली।

अपनी दुकान पर सज्जन ने ट्रांजिस्टर, टेप रिकॉर्डर और टेलीविजन तथा डिश एंटीना की मरम्मत शुरू की। धीरे-धीरे वह कम्प्यूटरों की भी मरम्मत करने लगे। सज्जन ने कहा, मुझे 15 वर्ष की अवस्था में स्कूल छोडऩा पड़ा। लेकिन समाज के लिए कुछ अच्छा करने की इच्छा मेरे मन में बनी रही। सज्जन ने आखिरकार 2002 में कुछ नया करने की ठान ली। उन्होंने कहा, मैंने खुद से कहा कि अब मैं 50 वर्ष का हो चुका हूं और असहाय होने से पहले मुझे कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए।

सज्जन ने इसके बाद एक दोपहिया वाहन को इलेक्ट्रिक से चलने वाले वाहन में तब्दील करना शुरू किया, जिसे बाद में उन्होंने तिपहिया वाहन और फिर अंत में कार के रूप में विकसित किया। सज्जन को उनकी इस नई खोज के लिए कर्नाटक सरकार की ओर से पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की स्मृति में स्थापित पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए जाने वाले सम्मान से सम्मानित किया गया।

दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) परिसर में आयोजित चार से आठ दिसंबर तक चलने वाले विज्ञान मेले में हिस्सा लेने वाले सज्जन ने बताया कि उनकी इस स्वनिर्मित कार में पांच सौर पैनल लगाए गए हैं और प्रत्येक सोलर पैनल की क्षमता 100 वाट है। इन सोलर पैनल से बनने वाली ऊर्जा से चार्ज होने वाले छह बैटरियां मशीन को संचालित करती हैं। प्रत्येक बैटरी की क्षमता 12 वोल्ट और 100 एम्पियर है। उन्हें इस बात पर गर्व है कि उनकी बनाई कार 3,000 किलोमीटर का सफर तय करने में सफल रही।

उन्होंने बेंगलुरू से दिल्ली तक के सफर के बारे में बताया, कई बार ऐसा लगा कि मेरी कार घाट मार्ग की तीखी चढ़ाई नहीं चढ़ पाएगी। लेकिन इसने राह में पडऩे वाली सारी बाधाएं पार कर लीं वह भी बिना किसी खास परेशानी के। सज्जन ने बताया कि वह अब तक अपनी इस कार से पूरे देश में 1.1 लाख किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं, हालांकि साथ में एक अन्य सामान्य कार में उनके चचेरे भाई सलीम पाशा भी चलते रहे।
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