भौतिकी का नोबेल गुरुत्वाकर्षण तरंगों की खोज के लिए

Jameel Khan

Publish: Oct, 03 2017 10:21:45 (IST)

Science & Tech
भौतिकी का नोबेल गुरुत्वाकर्षण तरंगों की खोज के लिए

एकेडमी के बयान के अनुसार, रैनर वीस को पुरस्कार का आधा हिस्सा मिलेगा और कीप थ्रोन व बैरी बारिश पुरस्कार के दूसरे हिस्से को साझा करेंगे।

स्टॉकहोम। भौतिकी का नोबेल पुरस्कार इस वर्ष अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने में उनके योगदान के लिए दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ सांइसेस ने मंगलवार को यहां इसकी घोषणा करते हुए कहा, वैज्ञानिकों को लिगो डिटेक्टर (लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी) में निर्णायक योगदान के लिए और गुरुत्वाकर्षक तरंगों की पहचान के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

एकेडमी के बयान के अनुसार, रैनर वीस को पुरस्कार का आधा हिस्सा मिलेगा और कीप थ्रोन व बैरी बारिश पुरस्कार के दूसरे हिस्से को साझा करेंगे। बयान के मुताबिक, 14 सितंबर, 2015 को ब्रह्मांड के गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पहली बार पता चला था। ये तरंगें दो ब्लैक ***** की टक्कर से पैदा हो रही थीं।

रॉयल स्वीडिश एकेडमी ने एक बयान में कहा, 2017 के भौतिकी के प्रत्येक नोबेल पुरस्कार विजेता ने अपने उत्साह और प्रतिबद्धता की वजह से लिगो के योगदान में बहुमूल्य योगदान दिया है। बयान के अनुसार, रैनर वीस और कीप एस. थ्रोन ने बैरी एस. बैरिश के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि चार दशक के प्रयास से खोजी गईं गुरत्वाकर्षण तरंगों को अंतत: देख लिया गया।

 

अमरीका के तीन वैज्ञानिकों को मिला चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार
लंदन। तीन अमरीकी वैज्ञानिकों को फिजियोलोजी या चिकित्सा के क्षेत्र में 2017 का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इन लोगों को जैवचक्रीय आवर्तन बाइलोजिकल रिद्म) पर नियंत्रण के लिए अणु तंत्र की खोज के संबध में यह पुरस्कार दिया गया है। पुरस्कार समिति ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। वैज्ञानिक जेफ्री सी. हॉल, माइकल रोसबाश और माइकल वी. यंग को मानव जैव घड़ी (ह्यूमन बॉयलोजिकल क्लॉक) और इसके आंतरिक कार्य पर प्रकाश डालने के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

नोबेल समिति ने कारोलिंस्का इंस्ट्टियूटेट में एक बयान जारी कर कहा, उनके खोज बताते हैं कि कैसे पौधे, जानवर और मनुष्य अपना जैविक लय अनुकूल बनाते हैं ताकि यह धरती के बदलाव के साथ सामंजस्य बैठा सके। बयान के अनुसार, फल मक्खियों को मॉडल जीव के रूप में प्रयोग करते हुए, वैज्ञानिकों ने एक जीन की खोज की है जो प्रतिदिन के सामान्य जैविक आवर्तन को नियंत्रित करता है।

उनकी खोज इस बात का खुलासा करती है कि यह जीन प्रोटीन को इनकोड करती है जो रात में कोशिका में एकत्रित होता है और दिन के दौरान इसका क्षरण हो जाता है। बयान के अनुसार, इस खोज से जैविक घड़ी के मुख्य क्रियाविधिक सिद्धांत स्थापित हुए हैं जिससे हमें सोने के पैटर्न, खाने के व्यवहार, हार्मोन बहाव, रक्तचाप और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

बयान के अनुसार हमारी जीवनशैली और बाहरी पर्यावरण की वजह से इस जैविक घड़ी में दीर्घकालिक अप्रबंधन रहने से कई लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि इस वजह से विभिन्न समय खंडों (टाइम जोन) में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी जेट लैग यानी अस्थायी भटकाव का सामना करना पड़ता है।

हेल का जन्म न्यूयार्क और रोसबाश का कंशास सिटी में हुआ और दोनों ने ब्राडियास विश्वविद्यालय में एकसाथ काम किया। वहीं मियामी में जन्मेे माइकल यंग ने रॉकफेलर विश्वविद्यालय में काम किया है।

 

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