
Black hole in the universe eats one sun a day
नई दिल्ली। ब्लैक ***** (Black Hole) अंतरिक्ष का वो हिस्सा है, जहां भौतिक विज्ञान का कोई भी नियम काम नहीं करता। इसके गुरुत्वाकर्षण से कुछ भी नहीं बच सकता, यहां तक कि प्रकाश भी यहां प्रवेश करने के बाद बाहर नहीं निकल पाता है।
यह अपने ऊपर पड़ने वाले सारे प्रकाश को अवशोषित कर लेता है इसीलिए इसको ब्लैकहोल कहते हैं। इस समय ब्रह्माण्ड में लाखों की संख्या में ब्लैकहोल (Black Hole) मौजूद हैं। लेकिन हाल ही में खगोलविदों (Astronomers) ने एक ऐसा ब्लैकहोल (Black Hole) खोजा है जो रोज एक सूर्य (Sun) को खा सकता है।
मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय खगोलविदों की एक टीम ने अबतक का सबसे बड़ा ब्लैकहोल (Black Hole) खोजा है। बड़ा होने के साथ-साथ से बहुत भूखा भी है। वैज्ञानिकों ने इस ब्लैकहोल (Black Hole) का नाम J2157 रखा है।
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी में हुई इस रिसर्च में पता लगा है कि इस ब्लैकहोल का भार हमारे सूर्य से 3.4 करोड़ गुना ज्यादा है और यह एक सूर्य के बराबर भार के आकाशीय पिंडों को अपने अंदर रोज समेट लेता है। मतलब ये एक सूर्य को रोज निगल सकता है।
रिसर्च में शामिल डॉ क्रिस्टोफर ओंकेन के मुताबिक इस ब्लैकहोल का वजह हमारी गैलेक्सी मिल्की वे के केंद्र में स्थित ब्लैकहोल से 8 हजार गुना ज्याद बड़ा है और ये हमारी गैलेक्सी के तीन चौथाई तारों को निगल सकता है।
बता दें साल 2018 में ब्लैकहोल (Black Hole) J2157 को खोजा गया था। तब से इसपर लगातार रिसर्च हो रही है। इस ब्लैकहोल का पता लगाने वाली टीम के सदस्य डॉ ओंकेन का कहना है कि शोधकर्ता इस ब्लैकहोल को उस समय देख रहे हैं जब ब्रह्माण्ड केवल 1.2 अरब साल पुराना था। यह ब्लैकहोल शुरुआती समय के ब्लैकहोल में से सबसे विशालकाय ब्लैकहोल है। यह समय हमारे ब्रह्माण्ड की वर्तामान उम्र का 10 प्रतिशत समय है।
Published on:
5 Jul 2020, 5:04 PM IST
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