कोरोना के कहर के बीच विशालकाय लघुग्रह के धरती पर टकराने का खतरा, जानिए पूरा सच

कोरोना ( Coronavirus Alert ) के कहर के बीच धरती पर एक और खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा है लघुग्रह के धरती ( Miniature Hit Earth ) पर टकराने का। दुनिया में कोरोना ( Coronavirus Outbreak ) के खौफ के बीच इस खबर ने भी लोगों की नींद उड़ा रखी है। कहा जा रहा है कि यह लघुग्रह 29 अप्रैल को धरती के करीब पहुंच रहा है। वैज्ञानिकों ( NASA Scientists ) ने इस बात को सिरे से खारिज किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह विशालकाय लघुग्रह धरती से काफी दूर से गुजरेगा। इससे धरती को कोई खतरा नहीं है।

नई दिल्ली।
कोरोना ( Coronavirus Alert ) के कहर के बीच धरती पर एक और खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा है लघुग्रह के धरती ( Miniature Hit Earth ) पर टकराने का। दुनिया में कोरोना ( Coronavirus outbreak ) के खौफ के बीच इस खबर ने भी लोगों की नींद उड़ा रखी है। कहा जा रहा है कि यह लघुग्रह 29 अप्रैल को धरती के करीब पहुंच रहा है। लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लेकिन, वैज्ञानिकों ने इस बात को सिरे से खारिज किया है। वैज्ञानिकों ( NASA Scientists ) का कहना है कि यह विशालकाय लघुग्रह धरती से काफी दूर से गुजरेगा। इससे धरती को कोई खतरा नहीं है।

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2079 में हो सकता है खतरा
हालांकि वैज्ञानिकों दावा किया है कि 29 अप्रैल को इस लघुग्रह से कोई खतरा नहीं हो लेकिन, सन 2079 में इससे खतरा हो सकता है। उस समय यह ग्रह पृथ्वी के महज 18 किलोमीटर दूर से गुजरेगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक लघुग्रह हमारे सौर मंडल का हिस्सा है। पृथ्वी के समान ही लघुग्रह भी सूर्य की परिक्रमा करते हैं। इनकी संख्या भी करोड़ों में हो सकती है। ये लघुग्रह कई बार बृहस्पति के गुरुत्व से अलग होकर पृथ्वी के करीब आ जाते हैं। ऐसे में इनकी पृथ्वी से टकराने की आशंका बनी रहती है। दुनिया की अंतरिक्ष एजेंसियां इन पर लगातार नजर बनाए रहती है। कहा जाता है कि इससे पहले जब धरती पर प्रलय आया होगा वो लघुग्रहों के कारण ही होगा। इससे ही डायनासोर जैसे विशालकाय जीवों की अस्तित्व ही खत्म हुआ होगा।

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29 अप्रैल को धरती पर कोई खतरा नहीं
इस लघुग्रह से 29 अप्रैल को जो खतरे की आशंका बनी हुई थी, उसे वैज्ञानिकों ने खारिज किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस 52768 व 1998 ओआर-2 लघुग्रह का आकार करीब चार किमी हो सकता है। ये 1998 में खोज के दौरान मिला था । जब ये पृथ्वी के करीब से गुजरेगा तो इसकी दूरी पृथ्वी से 63 लाख किमी की होगी। यानीं की लोगों को डरने की जरूरत नहीं है।

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