शैवाल से कार्बन-रहित कपड़े बनाती हैं यह फैशन डिजाइनर

2018 में 2.1 अरब मीट्रिक टन ग्रीन हाउस गैसों के पर्यावरण में उत्सर्जन के लिए फैशन इंडस्ट्री ही ज़िम्मेदार थी।

By: Mohmad Imran

Published: 21 May 2021, 07:29 PM IST

जयवायु परिवर्तन और उसकेलिये ज़िम्मेदार कार्बन उत्सर्जन का एक बड़ा हिस्सा फैशन इंडस्ट्री का है। केमिकल प्रोसेस, फैब्रिक, तेज़ी से बदलता फैशन और इंडस्ट्री में पानी अत्यधिक इस्तेमाल के कारण फैशन डिजाइनिंग जलवायु परिवर्तन के लिहाज से एक हानिकारक उद्योग है। मैकिंसी शोध के अनुसार, 2018 में 2.1 अरब मीट्रिक टन ग्रीन हाउस गैसों के पर्यावरण में उत्सर्जन के लिए फैशन इंडस्ट्री ही ज़िम्मेदार थी। यह वैश्विक उत्सर्जन का करीब 4 फीसदी था।

शैवाल से कार्बन-रहित कपड़े बनाती हैं यह फैशन डिजाइनर

पर्यावरण पर फैशन इंडस्ट्री से उत्पन्न होने वाले कार्बन-उत्सर्जन को रोकने के लिए फैशन डिजाइनर शार्लोट मैक्कर्डी पेट्रोलियम-आधारित प्लास्टिक फाइबर की जगह शैवालों से कपड़े और दूसरे उपयोगी उत्पाद बनाती हैं। उनके रेनकोट तो बहुत ज्यादा मांग में हैं।

शैवाल से कार्बन-रहित कपड़े बनाती हैं यह फैशन डिजाइनर

दरअसल, शार्लोट फैशन डिजाइनर होने के साथ ही वैज्ञानिक भी हैं। येल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ही वे फैब्रिक और टेक्सटाइल की जगह शैवालों के इस्तेमाल पर काम कर रही हैं। इसी दौरान उन्होंने लाल रंग की समुद्र शैवाल मैक्रोलेगा के बायोपॉलिमर से पहला प्रोटोटाइप (एक रेनकोट) विकसित किया। उनका उद्देश्य पूरी फैशन इंडस्ट्री को कार्बन-मुक्त बनाना है। यह बायोपॉलिमर पूरी तरह से प्राकृतिक और समुद्र में प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। शार्लोट इस तकनीक का उपयोग रेनकोट से लेकर बॉल गाउन तक बनाने में करती हैं।

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