साइंस टेक: इनकी बनाई होम किट से घर बैठे जांचे ब्रेस्ट कैंसर

ब्लू बॉक्स स्तन कैंसर बायोमार्कर के लिए एक घर में मूत्र परीक्षण किट है

By: Mohmad Imran

Published: 22 Nov 2020, 09:44 AM IST

स्पेन के बार्सिलोना विश्वविद्यालय (University of Barcelona, Spain) की शोध छात्रा जुडिट गाइरो बेनेट ने 'ब्लू बॉक्स' (Blue Box) नाम की एक किट विकसित की है। यह उपकरण और इसकी ऐप महिलाओं को घर बैठे ही स्तन कैंसर (Breast Cancer) के लिए एक सरल घरेलू परीक्षण के लिए किया गया है। बेनेट के इस उपकरण के लिए उन्हें स्पेन के प्रतिष्ठित जेम्स डायसन अवार्ड्स-2020 (James Dyson Awards) से भी नवाजा गया है। यह वार्षिक प्रतियोगिता स्पेन में विश्वविद्यालय के छात्रों को वर्तमान समस्याओं के लिए अभिनव समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

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मैमोग्राफ ही है एकमात्र स्क्रीनिंग टूल
बेनेट को उनके द ब्लू बॉक्स किट के लिए इस साल अंतरराष्ट्रीय विजेता (International Winner) भी घोषित किया गया। दरअसल, वर्तमान में स्तन कैंसर का पता लगाने का एकमात्र गोल्ड स्टैंडर्ड मानक (Gold Standard) मैमोग्राम है। इस प्रक्रिया के दौरान, एक्स-रे (X-Ray) लेते समय प्रत्येक स्तन को दो प्लास्टिक प्लेटों के बीच संकुचित (Press) करना पड़ता है। यह कभी-कभी बहुत दर्दनाक और महिलाओं को मानसिक रूप से बहुत परेशान करने वाली प्रक्रिया है। इस किट की सहायता से महिलाओं को इस दर्दनाक जांच से छुटकारा मिल सकता है। स्तन कैंसर के कारण जीवन-प्रत्याशा दर (Life Expectency) भी तेजी से गिरने लगती है। वहीं मैमोग्राम में कैंसर के लक्ष्णों को बहुत ज़्यादा नेगेटिव या पॉज़िटिव दर्शाने की बहुत उच्च आशंका भी होती है जो कई बार सही नहीं होती है।

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मैमोग्राम की तुलना में 95 प्रतिशत अधिक सटीक
वहीं दूसरी ओर, ब्लू बॉक्स को घर पर परीक्षण करने के लिए सरल डिजाइन में बनाया गया है। ताकि उस असुविधा और हिचक को दूर किया जा सके जो महिलाओं को ब्रेस्ट-कैंसर स्क्रीनिंग करवाने से रोकता है। बेनेट का यह उपकरण छह रासायनिक सेंसरों (6 Chemical Sensors) का उपयोग करता है, जो स्तन कैंसर बायोमार्कर (Biomarker) के एक विशेष सेट के लिए मूत्र के नमूनों का विश्लेषण करता है। यह परीक्षण क्लाउड (Cloud Computing) में एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम (Artificial Intelligence Algorithem) के जरिए परखा जाता है। इसके बाद निदान (Diagnose) ब्लू बॉक्स ऐप के जरिए यूजर के स्मार्टफोन पर भेजा जाता है। बेनेट का कहना है कि यह प्रणाली मैमोग्राम की तुलना में 95 प्रतिशत से अधिक सटीक परिणाम बताती है।

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