भारतीय मूल की न्यूट्रीशियन को 'वर्ल्ड फूड प्राइज' सम्मान

शकुंतला को यह पुरस्कार उनकी मछली पर किए गए शोधकार्य के लिए दिया गया है जिसमें उन्होंने कुछ ऐसी विशेष प्रजातियों की मछलियों को पालने की नवीन विधि विकसित की है।

By: Mohmad Imran

Published: 23 Jun 2021, 04:14 PM IST

भारतीय मूल की पोषण विशेषज्ञ शकुंतला हरकसिंह थिल्स्टेड (71) को हाल ही 'वर्ल्ड फूड प्राइज' से सम्मानित किया गया है। शकुंतला को यह पुरस्कार उनकी मछली पर किए गए शोधकार्य के लिए दिया गया है जिसमें उन्होंने कुछ ऐसी विशेष प्रजातियों की मछलियों को पालने की नवीन विधि विकसित की है। इतना ही नहीं शकुंतला ने इनमें पाए जाने वाले सूक्ष्म पोषक तत्वों और फैटी एसिड को अधिक पोषक बनाने और विकासशील देशों में उन्हें आहार के रूप में शामिल करने में भी अहम भूमिका निभाई है। कैरेबियाई द्वीप त्रिनिदाद में पली-बढ़ीं शकुंतला के माता-पिता भारतीय प्रवासियों के वंशज थे, जो बाद में डेनमार्क के नागरिक बन गए। उन्हें मछली-आधारित खाद्य प्रणालियों में अभूतपूर्व उपलब्धियों के लिए जाना जाता है।

भारतीय मूल की न्यूट्रीशियन को 'वर्ल्ड फूड प्राइज' सम्मान

छोटी मछलियों में पाए जाने वाले पोषक तत्वों पर शोध
'विश्व खाद्य पुरस्कार' की स्थापना नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नॉर्मन बोरलॉग द्वारा 1986 में खाद्य वैज्ञानिकों और भोजन की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार में उनके अभिनव योगदान को पहचान दिलाने के लिए शुरू किया गया था। 250000 डॉलर का पुरस्कार देने वाला यह फाउंडेशन डेस मोइनेस, आयोवा में स्थित है। कुपोषित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करने वाली शुकंतला ने 1980 के दशक में बांग्लादेश में शोध शुरू किया था। स्थानीय महिलाओं से बात करने पर उन्हें पता चला कि विभिन्न प्रकार की स्थानीय छोटी मछलियों को खाने से ये महिलाएं शारीरिक रूप से मजबूत और स्टेमिना में बेहतर हो जाती हैं। उन्होंने उनके आहार पर शोध करना शुरू किया। कोपेनहेगन लौटकर, उन्होंने बांग्लादेश और बाद में कंबोडिया में छोटी मछलियों की इन प्रजातियों के पोषण मूल्य का अध्ययन किया।

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