25 जुलाई: वर्ल्ड एम्ब्रायोलॉजिस्ट डे- दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी हैं लुइस

क्या खास: 25 जुलाई, 1978 को, लुईस जॉय ब्राउन आइवीएफ या इन विट्रो फर्टीलाइजेशन के जरिए जन्म लेने वाली वाली पहली संतान बनीं। तब से इस दिन को हर साल विश्व भ्रूणविज्ञानी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

By: Mohmad Imran

Published: 25 Jul 2021, 08:54 PM IST

अब तक 80 लाख से ज्यादा IVF बच्चे
आज खरबों रुपए के व्यापार में बदल चुका आइवीएफ तकनीक का बाजार 43 साल पहले कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के 52 वर्षीय एक फिजिशियन रॉबर्ट एडवर्ड्स की देन है। उन्होंने ही लुइस ब्राउन को टेस्ट ट्यूब बेबी के रूप में इस दुनिया में आंख खोलने का अवसर दिया और नि:संतानता का दंश झेल रहे जोड़ों के लिए औलाद पाने का एक आसान और महत्त्वपूर्ण विकल्प दिया। 25 जुलाई को लुईस के पहली बार आंखें खेलने पर उसे अपनी गोद में लेकर डॉ. एडवर्ड्स ने कहा था, ''मैं आशा करता हूं कि कुछ ही वर्षों में.... यह सात दिन का अजूबा होने के बजाय एक सामान्य मेडिकल प्रैक्टिस बन जाएगा।'' 2018 तक दुनिया में 80 लाख से ज्यादा बच्चे आइवीएफ तकनीक से इस दुनिया में आंख खोलने में कामयाब रहे। 2010 में डॉ. एडवर्ड्स को उनकी इस क्रांतिकारी खोज के लिए मेडिसिन के नोबेल सम्मान से भी नवाजा गया था।

25 जुलाई: वर्ल्ड एम्ब्रायोलॉजिस्ट डे- दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी हैं लुइस

280 महिलाओं पर आज़माई थी तकनीक
लुइस ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह 4 साल की थीं जब उनकी मां ने उन्हें इसके बारे मेंं बताया था। इतना ही नहीं उन्होंने लुइस को उसके पैदा होने के समय का वीडियो भी दिखाया था। लुइस की मां उन 280 महिलाओं में से एक थीं, जो 43 साल पहले इस प्रयोग का हिस्सा बनीं थीं। उनमें से केवल पांच ही गर्भवती हुई थीं और लुइस अकेली बच्ची थीं जो इस तकनीक की मदद से दुनिया देखने में कामयाब रहीं। दरअसल, लुइस के माता-पिता लेस्ली और जॉन ब्राउन नौ साल से बच्चे के लिए कोशिश कर रहे थे। लेस्ली की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने से वे गर्भवती नहीं हो पा रही थीं। जनम के समय लुइस का वजन 2.6 किग्रा था।

25 जुलाई: वर्ल्ड एम्ब्रायोलॉजिस्ट डे- दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी हैं लुइस

प्राकृतिक रूप से हुए बच्चे
लुइस की छोटी बहन नैटली ब्राउन उनके जन्म लेने के 4 साल बाद आइवीएफ तकनीक से ही हुई थीं। उस दौर में इस तकनीक पर वैज्ञानिकों, सामाजिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों ने कई सवाल उठाए थे। इतना ही नहीं, लुइस ने 2006 में अपने पहले बेटे कैमरोन को प्राकृतिक तरीके से जनम दिया। हालांकि, आइवीएफ तकनीक से जन्मी किसी बच्ची द्वारा प्राकृतिक रूप से गर्भ धारण करने और स्वस्थ बच्चे को जनम देने का श्रेय उनकी बहन नैटली को जाता है जिन्होंने 1999 में ही अपनी पहली बेटी को जनम दिया था। आज लुइस और नैटली के क्रमश: दो और तीन बच्चे हैं।

25 जुलाई: वर्ल्ड एम्ब्रायोलॉजिस्ट डे- दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी हैं लुइस
Show More
Mohmad Imran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned