scriptNASA Asteroid Warning Issued Over Eiffel Tower-High Space | फ्रांस के एफिल टॉवर से भी बड़ा एस्टेरॉयड धरती की ओर बढ़ रहा, नासा की चेतावनी- टकराया तो होगा बड़ा नुकसान | Patrika News

फ्रांस के एफिल टॉवर से भी बड़ा एस्टेरॉयड धरती की ओर बढ़ रहा, नासा की चेतावनी- टकराया तो होगा बड़ा नुकसान

एक एस्टेरॉयड धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसका आकार काफी बड़ा है। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अनुमान जताया है कि यह फ्रांस के एफिल टॉवर से भी बड़ा है। नासा ने यह चेतावनी भी जारी की है कि अगर यह धरती से टकराता है तो काफी नुकसान होगा।

 

नई दिल्ली

Published: November 08, 2021 05:51:49 pm

नई दिल्ली।

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चेतावनी जारी की है कि एफिल टॉवर से भी बड़े आकार का एक एस्टेरॉयड धरती की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह एस्टेरॉयड अगर धरती से टकराता है तो नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, नासा ने यह अनुमान भी जताया है कि संभवतः यह एस्टेरॉयड धरती की सतह से कुछ दूरी से गुजर जाएगा।
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नासा ने इस एस्टेरॉयड को संभावित रूप से खतरनाक ऐस्‍टरॉइड की श्रेणी में रखा है। इस एस्टेरॉयड के धरती से टकराने पर परिणाम भयानक हो सकता है। यही नहीं, धरती से होकर गुजरने के बाद इस तरह का एस्टेरॉयड कम से कम 10 साल तक यहां नहीं आएगा।
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वैज्ञानिकों के मुताबिक इस एस्टेरॉयड का नाम 4660 Nereus है और यह फुटबॉल के मैदान से करीब तीन गुना बढ़ा है। नासा के अनुमान के मुताबिक, यह 11 दिसंबर तक धरती के बेहद पास गुजरेगा। इस एस्टेरॉयड की दूरी 3.9 मिलियन किलोमीटर यानि धरती और चांद के बीच की दूरी का 10 गुना है। एस्टेरॉयड 330 मीटर लंबा है।
एक रिपोर्ट के हवाले से यह भी बताया गया है कि अंतरिक्ष में मौजूद 90 फीसदी एस्टेरॉयड इससे छोटे हैं।
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि Nereus साल 1982 में खोजे गए अपोलो ग्रुप का ही सदस्य एस्टेरॉयड है। यह भी सूरज के ऑर्बिट से होकर धरती के पास से गुजरेगा, जैसा इससे पहले के एस्टेरॉयड करते रहे हैं। फिलहाल अच्छी बात यह है कि 11 दिसंबर तक धरती के बेहद पास से गुजरने वाले इस एस्टेरॉयड से धरती को कोई खतरा नहीं होगा।
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बता दें कि एस्टेरॉयड्स वे चट्टानें जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं लेकिन यह आकार में ग्रहों से काफी छोटे होते हैं। सोलर सिस्टम बनने के बाद गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए और पीछे छूट गए, वही इन चट्टानों यानी एस्टेरॉयड में बदल गए। नासा लगातार धरती के निकट मौजूद एस्टेरॉयड्स पर नजर रखती है।

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