कोरोना वायरस से निपटने में अब नासा अमरीका की मदद को आगे आया

-नासा ने कहा कि अपने पहले प्रयास में वे एक प्रोटोटाइप ऑक्सीजन हुड का निर्माण कर चुके हैं जो अब अस्पताल में फ्रंटलाइन में काम कर रहे डॉक्टरों के लिए कामका साबित हो रहा है।

By: Mohmad Imran

Published: 18 Apr 2020, 10:36 PM IST

कोरोना वायरस से निपटने में अब अमरीका की मदद को उसकी सबसे विश्वसनीय संस्था नासा आगे आई है। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी ऐसे समाधान खोजने का प्रयास करेगी जो कोरोना वायरस को रोकने में न केवल कारगर हो बल्कि इससे लोगों की जान भी बचाई जा सके। सरकार कोनासा से उम्मीद है कि वह वेंटिलेटर जैसे महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की कमी को दूर करने का भी कोई उपाय ढूंढ लेगी। नासा भी इस काम में जुट गई है। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कैलिफोर्निया स्थित एक टास्क फोर्स के साथ मिलकर चिकित्सा उपकरणों का निर्माण भी किया है ताकि संक्रमित मरीजों की मदद की जा सके। नासा ने अपने आर्मस्ट्रांग फ्लाइट रिसर्च सेंटर, एंटीलोप वैली अस्पताल, लैंकेस्टर शहर, वर्जिन गैलेक्टिक, द स्पेसशिप कंपनी और एंटीलोप वैली कॉलेज के साथ भागीदारी की है ताकि चिकित्सा उपकरणों की कमी को पूरा करने के लिए मिलकर काम कर सकें।

कोरोना वायरस से निपटने में अब नासा अमरीका की मदद को आगे आया

उनके पहले प्रयासों में उन्होंने एक प्रोटोटाइप ऑक्सीजन हुड का निर्माण किया है जो अब अस्पताल में फ्रंटलाइन में काम कर रहे डॉक्टरों के लिए कामका साबित हो रहा है। नासा ने कहा कि ऐसे 500 ऑक्सीजन हुड का उत्पादन अगले सप्ताह मोजावे में टीएससी फेथ फैसिलिटी में शुरू कर दिया जाएगा। नासा के इंजीनियर माइक बटगिएग द्वारा विकसित यह उपकरण कोविड-19 रोगियों के लिए आक्सीजन सप्लाई करने के उपकरण जैसा है खासकर जिनमें कोरोना वायरस के मामूली लक्षण दिखाई दिए हों। इससे रोगियों को वेंटिलेटर का उपयोग करने की आवश्यकता भी कम होगी। यह डिवाइस एक निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर या सीपीएपी) मशीन की तरह काम करता है ताकि ऑक्सीजन रोगी के धीमे पड़ चुके फेफड़ों तक पहुंचाई जा सके।

कोरोना वायरस से निपटने में अब नासा अमरीका की मदद को आगे आया

इसके अलावा नासा के इंजीनियर एलन पार्कर और आर्मस्ट्रांग की इस टीम ने एक कैनोपी भी डिजायन की है जो कोविड-19 रोगियों को सुरक्षित रूप से कवर करते हुए स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों की भी सुरक्षा करता है। पार्कर ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति इस कैनोपी के अंदर ही रहता है जहां एरोसोल वायरल दूषित पदार्थों को कैनोपी के भीतर स्थित एक वायरल फिल्टर के माध्यम से बाहर निकाल देता हे। इस तरह स्वास्थ्य प्रदाता कम से कम जोखिम के साथ रोगी के आसपास स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं।

कोरोना वायरस से निपटने में अब नासा अमरीका की मदद को आगे आया
Mohmad Imran Desk/Reporting
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