
युवा वैज्ञानिक गोपाल को नासा से आया बुलावा, इस प्रोजेक्ट पर करेंगे काम
नई दिल्ली: कहते हैं अगर आप में हुनर है तो फिर कोई मंजिल दूर नहीं होती। इस बात को सच कर दिखाया है बिहार ( Bihar ) के युवा वैज्ञानिक गोपाल ने। साल 2016 में गोपाल ने केले के तने से बिजली ( electricity ) उत्पन्न होने की खोज की थी, जिसके बाद वो चर्चा में आए थे। वहीं अब एक बार फिर से उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। चलिए बताते हैं आपको इस उपलब्धि के बारे में।
हासिल की ये बड़ी उपलब्धि
गोपाल भागलपुर ( Bhagalpur ) के ध्रुवगंज खरीक बाजार के रहने वाले हैं। उन्हें अमेरिका ( America ) के अंतरिक्ष रिसर्च संस्थान यानि नासा ( nasa ) ने अपने नए प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए बुलाया है। नासा ने इस प्रोजेक्ट के लिए गोपाल से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि गोपनियम एलोई पर नासा के साथ काम करेंगे। अगर प्रोजेक्ट सफल रहा तो सूर्य का अध्ययन करना आसान हो जाएगा। गोपनियम एलोई हाफनियम, टेंटिलुनियम, कार्बन और नाइट्रोजन का मिश्रण है। उन्हें इसका आइडिया साइंस फिक्शन पर आधारित एक फिल्म से आया था।
इस प्रोजेक्ट पर भी कर रहे हैं काम
गोपाल ने साल 2016 में केले के तने से बिजली उत्पन्न करने की खोज की थी। इस प्रोजेक्ट का पेटेंट साल 2018 में हो चुका है। गोपाल 'पेपर बायो सेल' और 'बनाना बायो सेल' की खोज के बाद 4 साल के लिए भारत सरकार ( Government of India ) के साथ अनुबंधित हैं। इसका अभी एक साल ही पूरा हुआ है। हालांकि, मौजूद समय में वो देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के लैब में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि केले के तने से बिजली उत्पन्न करना आसान है।
Published on:
15 Jul 2019, 2:07 PM IST
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