कैंसर अब लाइलाज नहीं? वैज्ञानिकों का दावा, चौथे स्टेज के कैंसर में भी बच जाएगा मरीज!

  • शोध में पाया है कि कैंसर किसी भी स्टेज में हो उसका इलाज करना संभव होगा
  • ऐसे वायरस की खोज की गई है जो कैंसर से लड़ने में कारगर साबित होगा

By: Priya Singh

Published: 12 Nov 2019, 01:10 PM IST

नई दिल्ली। लाइलाज बीमारी कैंसर का इलाज लगातार वैज्ञानिक ढूंढ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक शोध में पाया है कि कैंसर किसी भी स्टेज में हो उसका इलाज करना संभव होगा। उन्होंने एक ऐसे वायरस की खोज की है जो कैंसर से लड़ने में कारगर साबित होगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि ये वायरस ऐसा है कि कैंसर की लास्ट स्टेज पर भी वह कैंसर का खात्मा कर सकता है। उनका कहना है कि अभी कुछ परिक्षण बाकी हैं और सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल तक स्तन कैंसर के मरीजों पर इसका प्रयोग किया जाएगा।

एक बार फिर तय हुई 'महाप्रलय' की तारीख, इस बार किसी पंडित ने नहीं वैज्ञानिकों ने किया दावा

cancer_cells.jpg

चूहों पर किया गया परीक्षण

वैज्ञानिकों ने इस वायरस को वैक्सीनिया सीएफ-33 नाम दिया है। ये वायरस आमतौर पर सर्दी-जुकाम से बनते हैं। जब इस वायरस को कैंसर से मिलाया गया तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले थे। फ़िलहाल इस प्रयोग को चूहों पर किया गया है। इस वायरस ने चूहों में बने ट्यूमर को सिकोड़कर काफी छोटा कर दिया। गौरतलब है कि, शुरूआती समय में इस वायरस का प्रयोग ब्रेन कैंसर के लिए किया गया था।

वैज्ञानिकों ने खोजा अब तक का सबसे जहरीला मशरूम, खाते ही हो जाती है मौत

cancer_killing_virus.jpg

अमरीका ने सबसे पहले शुरू किया इसका प्रयोग

सबसे पहले अमरीका में हुए इस प्रयोग में वैज्ञानिकों को कुछ ही हद तक सफलता मिली थी। उन्होंने पाया कि कुछ मरीजों के ट्यूमर एकदम ही ख़त्म हो गया जबकि कुछ मरीजों का ट्यूमर छोटा हो गया था। अमरीका के बाद ऑस्ट्रेलिया ने इसका प्रयोग दवा के रूप में किया। ऑस्ट्रेलिया की बायोटेक कंपनी इम्यूजीन नाम की इस दवा को तैयार किया है। बता दें कि इस दवा को बनाने के पीछे अमेरिकी वैज्ञानिक और कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर यूमान फॉन्ग का हाथ है।

कैसा होता है साइनाइड का स्वाद? मरते-मरते एक छात्र कर गया था खुलासा

Priya Singh Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned