वैज्ञानिकों ने खोला अब तक के सबसे बड़े Black Hole की टक्कर का राज, हिल गए धरती पर मौजूद डिटेक्टर

  • Massive Black Hole Secret : पिछले साल 21 मई को धरती पर महसूस किए गए गुरुत्वाकर्षण तरंगों की गुत्थी सुलझाने में कामयाब हुए वैज्ञानिक
  • अमेरिका और इटली में मौजूद लेटर डिटेक्टर के जरिए इतने बड़े कंपन को महसूस किया गया था

By: Soma Roy

Published: 16 Sep 2020, 05:49 PM IST

नई दिल्ली। ब्लैकहोल (Black Hole) साइंस की दुनिया का एक अंधेरा और गहरा खजाना है जहां जाते ही चीजें पलक झपकते गायब हो जाती हैं। इसमें ग्रह नक्षत्र से लेकर प्रकाश तक सभी इसकी गहराईयों में समा जाते हैं। ब्लैकहोल पर रिसर्च को लेकर वैज्ञानिक हमेशा से ही उत्सुक नजर आते हैं। मगर इसी बीच उनके हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। दरअसल शोधकर्ताओं ने सुदूर ब्रह्मांड में दो सबसे बड़े ब्लैकहोल की टक्कर और उनके विलय की गुत्थी को सुलझा लिया है। उनका कहना है कि जिस तरह 9 सूर्य के आपस में भिड़ने से विशाल मात्रा में ऊर्जा निकलने की संभावना रहती है। ठीक उसी तरह दो विशालकाय ब्लैकहोल का आपस में विलय (Merge) हुआ था। जिसकी गुरुत्‍वाकर्षण तरंगें पिछले साल 21 मई को महसूस की गई थी।

वैज्ञानिको के अनुसार तरंगों के प्रभाव को पृथ्‍वी तक आने में करीब सात अरब साल लग गए। यह प्रभाव इतना शक्तिशाली था कि इससे अमेरिका और इटली में स्‍थापित लेजर डिटेक्‍टर तक हिल गए। उनका मानना है कि दो ब्‍लैक होल के आपस में टक्कर की वजह से एक बड़े ब्‍लैक होल का निर्माण हुआ था। जिसका द्रव्‍यमान सूर्य से भी 142 गुना अधि‍क था। ब्लैकहोल के विलय के दौरान करीब नौ सूर्य के बराबर ऊर्जा उत्‍पन्‍न हुई थी। जो कि काफी विशाल मात्रा में थी। विज्ञान के हिसाब से ये एक दुर्लभ घटना थी।

वैज्ञानिकों ने ब्‍लैकहोल से निकली गुरुत्‍वाकर्षण तरंगों की पहचान के लिए अमेरिका में लिगो और इटली में वर्गो डिटेक्टर स्‍थापित किए गए थे। इसी के जरिए इस बड़ी खगोलीय घटना को महसूस किया गया। बताया जाता है कि कंपन इतना तेज था कि लेजर इंटरफेरोमीटर उपकरण तक हिल उठे थे। जब ये घटना हुई थी तब दोनों उपकरणों ने एक तीव्र सिग्नल पकड़ा था। ये सिग्नल एक सेकेंड के दसवें हिस्से के बराबर था।

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