11 साल बाद सूरज में मची हलचल, धधकते आग से तबाह हो सकती है सैटेलाइट सेवा

  • Sunspot Can Create Damage on Earth : मंगल ग्रह जितना बड़ा है सनस्पॉट, वैज्ञानिकों ने इसे AR2770 नाम दिया है
  • सूरज पर बने बड़े धब्बे की वजह से नेविगेशन समेत अन्य तकनीकी दिक्क्तें आ सकती हैं

By: Soma Roy

Published: 11 Aug 2020, 03:54 PM IST

नई दिल्ली। सूरज से निकलती लपटों के चलते वैसे भी वैज्ञानिक इसके नजदीक जाने की हिम्मत नहीं करते हैं। मगर इन दिनों सूरज में धधकती आग की लपटों को बढ़ता देख उनकी चिंता गहरा गई है। दरअसल 11 सालों से शांत सूरज से तेज किरणें निकलती दिख रही हैं। जिसे सन फ्लेअर्स (Sunflares) कहते हैं। इतना ही नहीं सूरज में बड़ा-सा काला धब्बा (Sunspot) भी दिख रहा है, जो काफी खतरनाक है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इससे सारी सैटेलाइट व्यवस्था (Damage Satellite System) ध्वस्त हो सकती है। सूरज में मिले इस धब्बे की पहली तस्वीर अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाले शौकिया एस्ट्रोनॉमर मार्टिन वाइज ने खींची थी।

वैज्ञानिकों का कहना है कि 11 सालों से शांत सूरज अब जाग गया है। उसमें एक बड़ा सनस्पॉट यानी सौर धब्बा देखा गया है। यह धब्बा इतना बड़ा है कि इससे निकलने वाली सौर ज्वालाएं यानी सोलर फ्लेयर्स धरती को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ये मंगल ग्रह जितना बड़ा धब्बा है। इससे धरती की संचार व्यवस्था बाधित हो सकती है। जिसके चलते नेविगेशन समेत हवाई एवं समुद्री यातायात में दिक्कतें आ सकती हैं। इस सनस्पॉट को वैज्ञानिकों ने AR2770 का नाम दिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसका आकार और बड़ा हो सकता है।

एक साइंस वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक इस सनस्पॉट से बहुत सारी छोटी ज्वालाएं पहले ही निकल चुकी हैं। इसके बावजूद इससे किरणें लगातार निकल रही हैं। ये धरती की तरफ घूम गई हैं। इससे पृथ्वी के वायुमंडल में आयनीकरण की लहर पैदा हो रही है। हालांकि अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। मगर भविष्य में इससे काफी खतरा है। सनस्पॉट की मैग्नेटिक फील्ड काफी ज्यादा होती है। जिसकी वजह से विशाल मात्रा में ऊर्जा निकलती है, इन्हें सौर ऊर्जा, सौर ज्वाला या सोलर फ्लेयर कहते हैं।

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