माइनस 156 डिग्री सेल्सियस तक सर्द मौसम और 121 डिग्री तक गर्मी सह सकता है नासा का नया स्पेस सूट

-यह सूट पूर्व के सूटों की तुलना में अंतरिक्ष यात्रियों को सिर के ऊपर तक हाथ उठाने और ज्यादा हिलने-डुलने की सुविधा देगा।
-हाल ही नासा ने आगामी चंद्र मिशन के लिए स्पेस सूट के दो नए प्रोटोटाइप डिजायन प्रदर्शित किए हैं।

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 2024 में जाने वाले चंद्र मिशन के लिए अपनी तैयारियों की झलक दिखाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में नासा ने आगामी मिशन के लिए खास तैर से तैयार किए गए दो स्पेससूट के Prototype प्रस्तुत किए। ये Space suit पूर्व की तुलना में ज्यादा आरादायक, गतिशीलता प्रदान करने वाला और चांद के वातावरण के अनुसार ज्यादा प्रभावी होगा। गौरतलब है कि 1972 के बाद कोई भी मानव चांद की सतह पर नहीं उतरा है। इसलिए अमरीका का यह मिशन बहुत महत्त्वपूर्ण है।

माइनस 156 डिग्री सेल्सियस तक सर्द मौसम और 121 डिग्री तक गर्मी सह सकता है नासा का नया स्पेस सूट

चटख लाल, सफेद और नीले रंग के पैटर्न के साथ इस स्पेससूट को अन्वेषण अतिरिक्त गतिशीलता इकाई (Exploration Extravehicular Mobility Unit) नाम दिया गया है। इस सूट को पहनकर चांद की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए चलना झुकना और मुडऩा आसान हो जाता है। इतना ही नहीं सूट के चारों ओर उनकी पहुंच आसान होगी और वे आसानी से अपने हाथों को सिर के ऊपर उठाने में सक्षम होंगे।

माइनस 156 डिग्री सेल्सियस तक सर्द मौसम और 121 डिग्री तक गर्मी सह सकता है नासा का नया स्पेस सूट

दो अलग-अलग सूट अलग-अलग उ्ददेश्य के लिए बनाए गए हैं। नीले-सफेद-लाल रंग के सूट को चंद्रमा की सतह पर उतरने के दौरान पहना जाएगा। जबकि संतरी रंग का दूसरा सूट रॉकेट लॉन्च और पृथ्वी पर वापसी के दौरान पहना जाएगा। ऐतिहासिक मून वॉक (Moon Walk) के दौरान क्रिस्टीना कोच और साथी जेसिका मीर को पुरुषों के सूट पहनने पड़े थे क्योंकि नासा ने महिला अंतरिक्ष यात्रियों के मून वॉक के लिए सूट ही नहीं बनाए थे। इसलिए इन नए सूट को वन-साइज-फिट्स-ऑल की तर्ज पर बनाया है।

माइनस 156 डिग्री सेल्सियस तक सर्द मौसम और 121 डिग्री तक गर्मी सह सकता है नासा का नया स्पेस सूट

आइए जानते हैं इस सूट से जुड़ी कुछ और खासियतों के बारे में:
-121 डिग्री सेल्सियस से माइनस 156 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सह सकते हैं दोनों सूट
-15 साल की मेहनत से बनाया है 'ओरियन क्रू कैप्सूल' (Orion Crew Capsule) यान जो इस मिशन पर अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाएगा
-06 दिनों तक जिंदा रखने के लिए डिजायन किए गए हैं दोनों सूट किसी भी दुर्घटना की स्थिति में
-2009 में चांद पर पानी मिलने की खबर के बाद नासा इस बार चांद के South Pole पर यात्रियों को उतारेगा।
-2030 में नासा (NASA) मंगल ग्रह (MARS) के लिए भी पहला मानव मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है

माइनस 156 डिग्री सेल्सियस तक सर्द मौसम और 121 डिग्री तक गर्मी सह सकता है नासा का नया स्पेस सूट
Mohmad Imran Desk/Reporting
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