सिर्फ हमारे 'चंदामामा' नहीं हैं सौर परिवार में, 200 से ज्यादा चंद्रमा मौजूद

सौर मंडल में 200 से अधिक चंद्रमा मौजूद हैं। अधिकांश बड़े ग्रहों (दो को छोड़कर) के अपने-अपने चंद्रमा हैं। प्लूटो जैसे बौने ग्रह के पास भी उनके अपने चंद्रमा मौजूद हैं। यहां तक कि उनकी कक्षा में क्षुद्रग्रह भी हैं।

By: Mohmad Imran

Published: 30 Aug 2021, 08:28 PM IST

क्या होते हैं चंद्रमा: नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने चंद्रमा को एक प्राकृतिक उपग्रह के रूप में परिभाषित किया है, जो 'शायद सौर मंडल के र्मिाण के शुरुआती दौर में ग्रहों के चारों ओर मौजूद गैस और धूल की disc से बने हैं। सौर मंडल में चंद्रमा विभिन्न प्रकार और आकार में मौजूद हैं। ये आमतौर पर ठोस होते हैं। आमतौर पर इनके नाम विभिन्न संस्कृतियों के पौराणिक पात्रों के नाम पर रखा जाता है। हालांकि, यूरेनस के चंद्रमा का नाम शेक्सपियर के पात्रों या अलेक्जेंडर पोप की कविताओं के नाम पर रखे गए हैं। हमारे सौरमंडल में 200 चंद्रमा हैं। इनमें सबसे ज्यादा, 82 चंद्रमा अकेले शनि ग्रह के हैं। इसके बाद 79 चंद्रमाओं के साथ बृहस्पति ग्रह दूसरे स्थान पर है। वहीं, बुध और शुक्र दोनों ही का कोई चंद्रमा नहीं है। पृथ्वी का सिर्फ एक चंद्रमा है।

सिर्फ हमारे 'चंदामामा' नहीं हैं सौर परिवार में, 200 से ज्यादा चंद्रमा मौजूद

चारोन: यह बौने ग्रह प्लूटो का सबसे बड़ा चंद्रमा है। इसकी खोज अमरीकी खगोलशास्त्री जेम्स डब्ल्यू क्रिस्टी ने वर्ष 1978 में यूनाइटेड स्टेट्स नेवल ऑब्जर्वेटरी फ्लैग स्टाफ स्टेशन में एक टेलीस्कोप की मदद से की थी।
डीमोस: यह मंगल ग्रह के दो चंद्रमाओं में से एक है। इसका नाम ग्रीक देवता के नाम पर रख गया है। इसकी खोज अमरीकी खगोलशास्त्री आसफ हॉल ने की थी। मंगल के दूसरे चंद्रमा का नाम डीमोस के भाई फोबोस के नाम पर रखा गया है।

गेनीमीड: गेनीमीड, बृहस्पति का सबसे बड़ा चंद्रमा है। इसका नाम ज्यूस/ज्यूपिटर के प्रेमी के नाम पर रखा गया है। यूरोपा की तरह इसकी खोज भी गैलीलियो गैलीली ने वर्ष 1610 में की थी।

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आइओ: बृहस्पति का एक और चंद्रमा है। इसका नाम उस पुजारी के नाम पर रखा गया है जो ज्यूस/ज्यूपिटर का प्रेमी बन गया। यूरोपा और गेनीमीड की तरह, इसकी खोज गैलीलियो गैलीली ने 1610 में की थी।
टाइटन: शनि के 82 चंद्रमाओं में सबसे बड़ा है। ग्रीक माइथोलॉजी में टाइटन के नाम से जाने जाने वाले पौराणिक पात्रों के नाम पर इसका नाम रखा गया है। टाइटन की खोज 1655 में डच खगोलशास्त्री क्रिस्टियान ह्यूजेंस ने अपने भाई के साथ मिलकर की थी।
टाइटेनिया: यह यूरेनस के 27 चंद्रमा में सबसे बड़ा है जिसका नाम विलियम शेक्सपियर के 'ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम' में परियों की रानी के नाम पर रखा गया है। टाइटेनिया की खोज ब्रिटिश खगोलशास्त्री विलियम हर्शल ने 1787 में की थी।

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ट्राइटन: नेप्च्यून के सबसे बड़े चंद्रमा, ट्राइटन की खोज 1846 में अंग्रेजी खगोलशास्त्री विलियम लासेल ने की थी। अपनी बनाई दूरबीन से उन्होंने इसे खोजा था। ट्राइटन का नाम समुद्र के ग्रीक देवता के नाम पर रखा गया हैए जो पोसाइडन का पुत्र है।
पृथ्वी का चंद्रमा
यह पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। इसे सौर मंडल के चंद्रमाओं में पांचवां सबसे बड़ा चंद्रमा माना जाता है। पृथ्वी का चंद्रमा, सौर मंडल के उन चंद्रमाओं में से एक है, जिसका अपना वायुमंडल है, इसे बहिर्मंडल कहा जाता है। नासा के अनुसार, गैलीलियो गैलीली द्वारा बृहस्पति के चंद्रमाओं की खोज करने से पहले, लोगों को यही लगता था कि हमारा चंद्रमा ही सौरमंडल का एकमात्र चंद्रमा है।

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