वेंटिलेशन बेल्ट जो पीपीई किट फंगल इन्फेक्शन बचाएगी

लगातार पीपीई किट पहनने से त्वचा पर रैशेज पडऩा, एलर्जी होना और लगातार पसीना आने से फ्रंटलाइन हैल्थ वर्कर्स को काम पर ध्यान केन्द्रित करने में भी परेशानी होती है। इस वेंटिलेशन बेल्ट (रोनाइस वेंटिलेशन सिस्टम) को कमर के चारों ओर सामान्य बेल्ट की ही तरह पहना जा सकता है।

By: Mohmad Imran

Published: 20 May 2021, 09:09 PM IST

अस्पतालों, आपातकालीन इकाईयों और स्पेशल कोरोना सेंटर्स में पीपीई किट (PPE Kit) पहने दिन-रात ड्यूटी कर रहे फ्रंटलाइन वॉॅरियर्स (frontline corona warriors) की तकलीफ से बहुत कम लोग वाकिफ है। बीते साल भी चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों और अन्य यूनिट्स में काम करने वाले फ्रंटलाइन चिकित्सा कर्मियों ने पीपीई किट में पसीने आने, थकान महसूस करने, रैशेज, एलर्जी, डिहाइड्रेशन और वेंटिलेशन न होने के कारण जी मिचलाने जैसी शिकायतों के बारे में बताया था। ऐसा घंटों शरीर को पीपीई किट में जकड़े रखने के कारण होता है। अक्सर निर्जलीकरण और वेंटिलेशन नहीं होने के कारण थकान महसूस होती है।

वेंटिलेशन बेल्ट जो पीपीई किट को त्वचा से चिपकने नहीं देगी

लेकिन जल्द ही यह समस्या खत्म हो जाएगी। मेडिकल उपकरण बनाने वाले एक्सपर्ट्स ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसे अपने शरीर पर पहनने से यह पीपीई किट में वेंटिलेशन पैदा कर इन सभी परेशानियों को दूर कर राहत देगी। रोनाइस वेंटिलेशन सिस्टम नाम की यह तकनीक पारंपरिक पीपीई किट के अंदर पहनने पर इसे हवादार बनाए रखती है जिससे शरीर पसीने से भीगता नहीं है और फंगल इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं रहता है।

वेंटिलेशन बेल्ट जो पीपीई किट को त्वचा से चिपकने नहीं देगी

इस उपकरण को पुणे स्थित डसॉल्ट सिस्टम्स में एक अत्याधुनिक प्रोटोटाइप सुविधा के रूप में विकसित किया गया है। कंपनी ने इसे 'सीओवी-टेक वेंटिलेशन सिस्टम' नाम दिया है। भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग (डीएसटी) के अनुसार, इसे एक सामान्य बेल्ट की तरह पीपीई किट के नीचे पहना जा सकता है। इसे पूरी तरह से पीपीई किट में वेंटिलेशन मेंटेन करने के लिए ही डिजाइन किया गया है। यह हर 100 सेकंड के अंतराल में उपयोगकर्ता को ताजी हवा प्रदान करता है।

Mohmad Imran
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned