NASA मिशन: पीडियाट्रीशन बनना चाहती थीं स्वाति मोहन, एक फिजिक्स की क्लास ने बदला जीवन

  • नासा के इस मिशन में भारतीय मूल की अमरीकी वैज्ञानिक स्वाति मोहन ने अहम भूमिका निभाई।
  • स्वाति मोहन सोशल मीडिया पर छा गई हैं। उनकी माथे की बिंदी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

By: Mahendra Yadav

Published: 20 Feb 2021, 09:28 AM IST

अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पर्सेवरेंस रोवर गुरुवार को मंगल पर सफलापूर्वक लैंड कर गया। पर्सेवरेंस रोवर की सफलतापूर्वक लैंडिग की जानकारी नासा ने ट्वीट कर दी। एक ओर जहां NASA के मिशन कंट्रोल में मंगल पर एक और कदम रखने का उत्साह चरम पर था, भारत के लोगों के लिए खुशी और गर्व की अलग ही वजह थी। नासा के इस मिशन में भारतीय मूल की अमरीकी वैज्ञानिक स्वाति मोहन ने अहम भूमिका निभाई। अब स्वाति मोहन इंटरनेट पर सुर्खियों में आ गई हैं। सभी लोग स्वाति की प्रशंसा कर रहे हैं। जब पूरी दुनिया अमरीकी रोवर की लैंडिंग का इंतजार कर रही थी, तब स्वाति मोहन कंट्रोल रूम में शांत भाव से GN&C सिस्टम और प्रोजेक्ट टीम से संवाद कर रही थीं।

सोशल मीडिया पर छाई स्वाति
बता दें कि स्वाति ने ही नासा के कंट्रोल रूम में पर्सेवरेंस रोवर के मंगल की सतह पर 'टचडाउन कंर्फम्ड' की घोषणा की। इसके बाद स्वाति मोहन सोशल मीडिया पर छा गई हैं। लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे। स्वाति की माथे की बिंदी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। स्वाति के माथे पर लगी बिंदी देखकर लोगों ने कहा कि वह बिंदी में बहुत सुंदर लग रही हैं।

कर रही थीं लाइव कमेंट्री
बता दें कि स्वाति नासा ने नासा के इस मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दरअसल, दुनिया को इस मिशन से जोड़ने वाली आवाज भारत की इस बेटी की ही थी। गाइडेंस एंड कंट्रोल्स ऑपरेशन की लीड स्वाति मोहन ने जब Perseverance के एक-एक कदम की कहानी शेयर करना शुरू किया तो देश का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। वह पर्सेवरेंस रोवर की लैंडिंग के दौरान लाइव कॉमेंट्री कर रही थीं और पल-पल की जानकारी दुनिया के साथ शेयर कर रही थीं।

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टीवी शो देखकर जागी ब्रह्मांड के बारे में जानने की उत्सुकता
रिपोर्ट के अनुसार स्वाति के मन में ब्रह्मांड के बारे में जानने की उत्सुकता एक टीवी शो देखकर जागी थी। स्वाति ने बचपन में मशहूर टीवी सीरीज Star Trek का पहला एपिसोड देखा और इसके बाद से ही उसके मन में ब्रह्मांड को एक्सप्लोर करने कील उत्सुकता जागी। रिपोर्ट के अनुसार, स्वाति का कहना है कि पहले वह पीडियाट्रीशन बनना चाहती थीं।

फिजिक्स की क्लास ने बदला जीवन
रिपोर्ट के अनुसार, स्वाति को स्पेस में शुरू से ही दिलचस्पी थी लेकिन, इस क्षेत्र के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं थी। जब स्वाति 16 साल की थी तो फिजिक्स की एक क्लास ने उनका जीवन बदल दिया। उनके टीचर ने सब कुछ ऐसे समझाया कि उन्होंने इंजिनियरिंग करने का मन बनाना लिया और फिर स्पेस रिसर्च से जुड़ने का फैसला लिया।

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