पचास गांव की आबादी के लिए परेशानी का सबब बना 22 किमी का दौलतपुर मार्ग

परेशानी: करीब 50 गांव के ग्रामीणों को यातनाओं भरा सफर करने के लिए मजबूर

सीहोर/दौलतपुर/नसरुल्लागंज. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्षों पहले दौलतपुर से इछावर तक बनाई गई करीब 22 किमी लंबाई की सड़क इस समय गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जिस पर दौलतपुर सहित करीब 50 गांव के ग्रामीणों को यातनाओं भरा सफर करने के लिए मजबूर हैं।

आलम यह है कि उक्त सड़क से डामर निकलने के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। साथ ही सड़क पर चूरी, गिट्टी आदि बिखरी पड़ी है। इसके चलते वाहन चालकों को आवागमन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दो पहिया वाहन चालक सड़क पर बिखरी गिट्टियों के कारण दुर्घटना का शिकार हो रहे है।

कुछ दिन पहले ठेकेदार द्वारा सड़क मरम्मत का कार्य आरंभ किया था, लेकिन उसने कुछ किमी लंबाई में गड्ढों में नाम मात्र का डामर व चूरी मटेरियल डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। सड़क के गड्ढों को न तो भरा गया ओर न ही गड्ढों डाले गए मटेरियल पर रोलिंग किया गया। इससे यह मटेरियल भी वाहनों के आवागमन से उखड़ गया है।

इसी प्रकार 10 किमी लंबाई की दीवडिय़ा-दुदलई सड़क की हालत बद से बदत्तर बनी हुई है। आलम यह है कि सड़क में जगह-जगह डामर उखड़ गया है। इसके चलते यह उबड़-खाबड व जर्जर हालत में पहुंच गई है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को मुख्यालय पर आवागमन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को हाट-बाजार, अस्पताल, थाना, तहसील आदि में आने -जाने के लिए काफी परेशानी उठाना पड़ रही है।

वहीं अंचल के छात्र-छात्राओं को दीवडिय़ा, इछावर स्थित हायर सेकंडरी स्कूल आने-जाने में भी खासी परेशानी उठाना पड़ रही है। सड़क में बने गड्ढे व फैली गिट्टी के कारण दो पहिया वाहन चालक अक्सर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

इस संबंध में दुदलई के राजेश, सुरेश जाट, कुमेर आदि ने बताया कि उक्त सड़क की हालत काफी खस्ताहाल है। इस पर वाहन चलाना दुर्घटनाओं भरा साबित हो रहा है। कुछ दिन पहले ठेकेदार ने मरम्मत का कार्य आरंभ तो किया था, लेकिन उसने कुछ किमी लंबाई के गड्ढों में ही नाम मात्र का चूरी डामर मटेरियल डालकर काम बंद कर दिया।

कीचड़मय सड़क पर ग्रामीणों का पैदल चलना हुआ मुश्किल
नसरुल्लागंज/वासुदेव. तहसील के ग्राम निमोटा में सड़क पर घरों से निकलने वाली गंदगी व्याप्त है, ऐसे में ग्रामीणों का जहां पैदल चलना मुश्किल हो गया है। वहीं दूसरी ओर गंदे पानी के कारण ग्रामीण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सड़क निर्माण के दौरान पंचायत द्वारा नालियों का निर्माण नहीं कराया गया। जिसका खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

गांव की सड़क पर बारह माह ही गंदगी पसरी रहती है। ऐसे में ग्रामीणों का पैदल चलना दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं को उठना पड़ रही है। ग्रामीण राधेश्याम, रहमत खान, दीपक अग्रवाल, मनीष मालवीय का कहना है कि सड़क पर व्याप्त गंदगी के कारण बच्चे व महिलाओं को घर से बाहर कदम रखते ही गंदे पानी और कीचड़ का सामना करना पड़ता है।

पंचायत अगर रोड के साथ नाली का निर्माण कराती तो शायद यह दिन हमें नहीं देखना पड़ता और यह गंदा पानी से बीमारी एवं अन्य बाधाएं उत्पन्न नहीं होती। इसको लेकर कई बार हमने पंचायत की ग्राम सभाओं में भी आवेदन देकर पंचायत को अवगत कराया और कई बार तहसील कार्यालय में भी अधिकारियों को भी इस समस्या से अवगत कराया। इसके बावजूद भी हमारी समस्या का समाधान आज तक नहीं निकल सका है।

सड़क में जगह -जगह डामर उखड़ गया है साइड से डामर पूरी तरह गायब है। सड़क पर चूरी व गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। इससे अक्सर बाइक सवार फिसलकर हाइसे का शिकार हो रहे हैं।

रामचरण वर्मा, दौलतपुर

ठेकेदार ने कुछ समय पहले कुछ गड्ढों को भरने का काम किया था, लेकिन उक्त गड्ढों में डाले गए मटेरियल को रोलिंग नहीं किया गया, इससे सड़क उबड़-खाबड़ हो गई है।
राकेश ठाकुर, हिम्मतपुरा

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वीरेंद्र शिल्पी Desk
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