बोर्ड परीक्षा सेंटर पर नहीं पर्याप्त कुर्सी-टेबल और कक्ष, बरामदे में जमीन पर बैठेंगे परीक्षार्थी

मौसम खराब होने पर हो सकती है परेशान, 30 से ज्यादा परीक्षा सेंटर पर होगी दिक्कत

By: Kuldeep Saraswat

Published: 01 Mar 2020, 11:54 AM IST

सीहोर. सरकारी स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में स्टूडेंट्स को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हर साल की तरह इस बार भी बोर्ड परीक्षा में कई सेंटर पर छात्राओं को जमीन पर बरामदे में बैठकर पेपर हल करना पड़ेगा। सरकारी स्कूल में परीक्षा के लिए पर्याप्त कुर्सी-टेबल और कमरे भी नहीं हैं, जिला मुख्यालय सीहोर में एक सेंटर तो ऐसी जगह बनाया गया है, जहां परीक्षार्थियों को निर्माणाधीन बिल्डिंग में बिठाया जाएगा।

जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल दो मार्च से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू करने जा रहा है। सीहोर जिले में हाईस्कूल के लिए 100 और हायर सेकंडरी के लिए 95 परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं। हाईस्कूल और हायर सेकंडरी के लिए बनाए गए परीक्षा सेंटर में से करीब 30 सेंटर ऐसे हैं, जहां परीक्षार्थियों के बैठने पर्याप्त कक्ष नहीं है। टेबल-कुर्सी की कमी के चलते छात्रों को कक्ष के बाहर बने बरामदों में टाट-पट्टी बिछाकर जमीन पर बिठाया जाएगा। मौसम खराब होने के कारण आंधी, बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि कुछ हुआ तो छात्रों को बड़ी परेशानी हो सकती है।

परीक्षा सेंटर : एक
सेंटर : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उलझावन
परीक्षार्थी : 582
हाईस्कूल : 255
हायर सेकंडरी : 237
स्थिति : एक कक्ष में करीब 20 छात्राओं को बिठाया जाएगा। इस हिसाब से यहां पर 17 कमरों की जरूरत है। पर्याप्त कक्ष नहीं होने को लेकर करीब 70 से 75 परीक्षार्थियों को चार बरामदों में बिठाया जाएगा। पर्याप्त कुर्सी-टेबल नहीं होने के कारण छात्र टाट पट्टी पर बैठकर परीक्षा देंगे।

परीक्षा सेंटर : दो
सेंटर : शासकीय हाईस्कूल ग्वालटोली
परीक्षार्थी : 405
हाईस्कूल : 178
हायर सेकंडरी : 227
स्थिति : परीक्षा सेंटर पर स्टूडेंट्स के हिसाब से जगह तो पर्याप्त है, लेकिन कुर्सी टेबल की कमी है। केन्द्र अध्यक्ष अरूणा शर्मा ने पत्र लिख अफसरों से 67 टेबल-कुर्सी की मांग की है।

परीक्षा सेंटर : तीन
सेंटर : शासकीय हाईस्कूल मनुबेन मंड़ी
परीक्षार्थी : 611
हाईस्कूल : 298
हायर सेकंडरी : 313
स्थिति : यहां पर परीक्षार्थियों को बिठाने के लिए पुराने भवन में पर्याप्त जगह नहीं है। जगह के अभाव में हाईस्कूल की निर्माणाधीन बिल्डिंग में छात्राओं को बिठाया जाएगा। निर्माणाधीन बिल्डिंग की परीक्षा के लिए साफ-सफाई कराई जा रही है। टेबल-कुर्सी की व्यवस्था नहीं है, करीब 50 टेबल-कुर्सी की जरूरत है।

एक्सपर्ट टिप्स : परीक्षा से डरें नहीं

(डॉ. देवेन्द्र साहू, व्याख्याता)

बोर्ड एग्जाम से सभी घबराते हैं, लेकिन यह बहुत बड़ी बात नहीं। एग्जाम का पैटर्न इतना कठिन नहीं होता कि स्टूडेंट्स इस तरह से डरें। जिस तरह से स्टूडेंट्स हर साल एग्जाम की तैयारी करते हैं, बोर्ड एग्जाम भी वैसा ही होता है। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी को डरने की जरूरत नहीं है, मन शांत रखें। परीक्षा हाल में जैसे ही प्रश्न-पत्र आपके हाथ में आता है, प्रश्न क्रमांक 1 से अंत तक के प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें। प्रश्न पत्र पढऩे के पश्चात जिन प्रश्नों को बेहतर ढंग से कर सकते है, उन्हें पहले करें। प्रश्नों के उत्तर देते समय हैंडराइटिंग और समय का विशेष ध्यान रखें। ओवर राइटिंग कभी न करें, गलती होने पर स्पष्ट क्रॉस करें तथा उस शब्द या अक्षर को आगे लिखे। कॉपी के प्रथम पृष्ठ से आखरी पृष्ठ तक साफ सुथरा और स्पष्ट लिखें। प्रश्न संख्या तथा उनके खण्ड, साफ एवं स्पष्ट लिखें। जिससे मूल्यांकन कर्ता को परेशानी न हो। सभी बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर एक ही पृष्ठ पर लिखने चाहिए। रफ कार्य जहां जरूरत हो वहीं दाई ओर करना चाहिए। यदि ज्यादा रफ कार्य करना हो तो कॉपी के अंतिम पृष्ठ को रफ पेज बना लेना चाहिए। यदि किसी प्रश्न के उत्तर में डायग्राम हैं तो उसे अवश्य बनाएं, डायग्राम को ब्लैक पेन या पेंसिल से बनाना चाहिए। बायोलॉजी या विज्ञान के प्रश्न पत्र में किसी प्रश्न के चित्र बनाए तो उसका नामकरण चित्र के दाई और करना चाहिए। प्रश्न का उत्तर समाप्त होने के बाद ब्लैक डॉट पेन से अंडर लाइन खींच कर बंद करना चाहिए। पश्चात अगले प्रश्न का क्रमांक डालकर उत्तर लिखना चाहिए ।

Kuldeep Saraswat
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