नवरात्रि में देवी दर्शन की बदली व्यवस्था, सलकनपुर से होंगे लाइव दर्शन

पैदल, वाहन और रोप-वे से जा सकेंगे मंदिर, मास्क लगाकर होगा मंदिर में प्रवेश

By: Hitendra Sharma

Updated: 17 Oct 2020, 02:56 PM IST

सीहोर. कोरोना संक्रमण के चलते सभी तीज त्योहार को मनाने का तरीका ही बदल गया है आज से शक्ति की उपासना का त्योहार नवरात्रि शुरु हो गया है और नवरात्रि में भी प्रदेश के सभी मंदिरों में दर्शन करने से पहले इन बातों का ध्यान रखना जरूरी होगा। आइये जानते है कि आखिर किन सावधानियों के साथ आप कर देवीमां के दर्शन करने मंदिर जा सकेंगे।

बात करते है प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगे सलकनपुर धाम की। इस मंदिर की ख्य़ाति पूरे देश में है। मंदिर पहाड़ी पर स्थित है इस पर जाने के लिये सीढ़ी और सड़क मार्ग दोनों मौजूद हैं। मंदिर की नई व्यवस्था के अनुसार अब भक्तों को सीड़ी मार्ग की तरफ से श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा दूसरी तरफ से निकलने का रास्ता बनाया है। मां विजयासन के दर्शन के लिए भक्त सीढ़ी मार्ग से दर्शन करने जा सकते हैं। और जो लोग अपने वाहन से जाना चाहते हैं वह सड़क मार्ग द्वारा भी सीधे मंदिर तक पहुंच सकते हैं। मंदिर के पास बनी पार्किंग में दोपहिया और चारपहिया वाहन खड़े किये जा सकते हैं।

रोप-वे भी चालू रहेगा
सलकनपुर में सीड़ी और सड़क के अलावा मंदिर पहुंचने का तीसरा विकल्प रोप-वे है। नवरात्रि में भक्तों के लिये रोप-वे भी उपलब्ध रहेगा। रोप-वे सुबह 6 बजे से शुरु होगा और रात 8 बजे इसे बंद कर दिया जाएगा। साथ ही रात आठ बजे के लिये टिकट 6 बजे लेना होगा। उसके बाद टिकट खिड़की बंद हो जाएगी। रोप-वे से यात्रा करने लिये क्षद्धालुओं को 80 रुपए खर्त करने होंगे।

मां विजयासन के लाइव दर्शन
जिला प्रशासन सीहोर ने पहली बार मंदिर से लाइव दर्शन कराने के लिये सेटअप लगाया है। इससे पहले देवीमां के दर्शन के लिये मंदिर जाना पड़ता था। अब जो भक्त मंदिर तक नहीं जा सकते वह अपने घर बैठकर ही मां के सजीव दर्शन कर सकते हैं। यह व्यवस्था भी कोरोना संक्रमण के चलते की गई है। जिससे लोग नवरात्रि में दर्शन भी कर सकें और व्यवस्था बनाने में परेशानी भी ना हो।

21 घंटे होंगे दर्शन
इस नवरात्र में सलकनपुर धाम में भक्तों को महाशक्ति के 21 घंटे लगातार दर्शन हो सकेंगे। मंदिर प्रशासन के मुताबिक मंदिर के पट केवल 3 घंटे के लिए बंद किये जाएंगे। भक्त सुबह 3 बजे से रात 12 बजे कभी भी मां विजयासन के दर्शन कर सकेंगे। भक्तों सीढ़ी मार्ग की तरफ से प्रवेश करेंगे और बिना रुके उन्हें मंदिर परिसर से बाहर निकलेंगे। प्रवेश से पहले सभी की स्क्रीनिंग होगी और परिसर में बिना मास्क के प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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