अब अनाथ और निराश्रित बच्चों को भी मिलेगा माता-पिता का दुलार 

अब अनाथ और निराश्रित बच्चों को भी मिलेगा माता-पिता का दुलार 

Bharat pandey | Publish: Jun, 24 2017 11:23:00 PM (IST) sehore

बाल संरक्षण के तहत शुरू की गई फॉस्टर केयर स्कीम, बच्चों की देखरेख करने वालों को हर माह मिलेंगे दो हजार रुपए

सीहोर।  मम्मी, पापा मुझे ये खाना है, जल्दी तैयार करो स्कूल जाना है...ये शब्द अक्सर हर बच्चे के रहते हैं। बदकिस्मती के चलते कुछ बच्चे इन शब्द को सिर्फ इसलिए नहीं बोल पाते हैं कि इनको कोई सुनने वाला नहीं है। अनाथ और निराश्रित इन बच्चों के अब दिन फिरने वाले हैं। बच्चों को कोई भी गोद लेकर भरण-पोषण कर सकेगा। बच्चों की देखरेख करने वाले को बाल कल्याण समिति हर माह दो हजार रुपए देगी।

अनाथ और निराश्रित बच्चों की  देखरेख और संरक्षण के लिए समेकित बाल संरक्षण के तहत तहत फॉस्टर केयर स्कीम (पालक देखभाल योजना) चलाई है। इस स्कीम में बच्चों का बाल कल्याण समिति बकायदा सर्वे कर चयन करेगी। इसमें पात्र पाए जाने वाले बच्चों को गोद देने की प्रक्रिया पूरी करेगी। संतानहीन या फिर किसी बच्चे को गोद लेने की तमन्ना रखने वाले लोग इस योजना का लाभ ले सकेंगे। पात्र अनाथ बच्चों को उन लोगों को ही गोद दिया जाएगा, जो  देखरेख करने योग्य होंगे। बाल कल्याण समिति थानों से बच्चों को गोद लेने वालों का रिकार्ड बुलाएगी। इससे पता किया जाएगा कि उनका आचरण कैसा है। मेडिकल सर्टिफिकेट भी लिया जाएगा, ताकि  कोई बीमारीग्रस्त तो नहीं है। इन सब में खरा उतरने वाले कोई भी जिले का निवासी बच्चों को गोद लेकर इच्छा पूरी कर सकते हैं।

बच्चों की  देखरेख करने वालों को मिलेगा भरण पोषण का खर्चा
बच्चों को गोद लेकर उनकी देखरेख करने वाले को बाल कल्याण समिति हर महीने दो हजार रुपए देगी। ये राशि उसके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। खास बात ये है कि समिति बच्चे को गोद देने के बाद हर महीने फॉलोइअप भी लेगी। इसमें पता किया जाएगा कि बच्चों को ठीक तरह से रखा जा रहा है या नहीं। बच्चा सही मिला तो ठीक अन्यथा उसे वापस ले लिया जाएगा। इसके लिए  दो अवधि बनाई है। अल्पावधि में चार से छह माह और दीर्घावधि में छह माह से 18 साल तक के लिए बच्चों को गोद दिया जाएगा। बच्चों को परेशानी होने पर यह अवधि निरस्त भी कर दी जाएगी।

समिति ने चिह्नित किए 50 बच्चे
बाल कल्याण समिति ने बच्चों को तलाशने सर्वे कराया था। इसमें अब तक करीब पचास बच्चों को चिन्हित किया गया है। यह वहीं बच्चे हैं जिनके माता-पिता नहीं होने से अनाथ है या फिर निराश्रित हैं। समिति के अधिकारियों की माने तो इन बच्चों को गोद देने के बाद वापस सर्वे कराया जाएगा। उसमें बच्चे मिले तो उनको भी गोद दिया जाएगा। जिससे कि बच्चें को इधर-उधर नहीं भटकना पड़े और उसको अच्छी शिक्षा तथा माता-पिता का प्यार मिल सकें।

अनाथ और निराश्रित बच्चों को फास्टर केयर स्कीम में कोई भी पर्सन गोद ले सकता है। उसको भरण पोषण के लिए हर महीने दो हजार रुपए की राशि दी जाएगी। फीट पर्सन को ही बच्चों को गोद दिया जाएगा।
 सुशील पांचाल, परामर्शदाता, प्रभारी बाल कल्याण समिति सीहोर

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned