विवाद में खड़ी हो गईं 10 हजार क्विंटल अनाज से भरी ट्रालियां

विवाद में खड़ी हो गईं 10 हजार क्विंटल अनाज से भरी ट्रालियां
sehore

Ram kailash napit | Updated: 18 Oct 2016, 11:43:00 PM (IST) Sehore, Madhya Pradesh, India

नसरुल्लागंज मंडी में दूसरे दिन भी हंगामा, नहीं हो सकी खरीदी

नसरुल्लागंज. भारतीय किसान मजदूर संघ और किसानों के बीच समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी को लेकर चल रहा विवाद तीसरे दिन भी जारी रहा। किसान समर्थन मूल्य से कम पर उपज बेचने को तैयार नहीं थे। वहीं व्यापारी और नेफेड के अधिकारी भी उपज को समर्थन मूल्य पर खरीदने को तैयार नहीं थे। इसके चलते तीसरे दिन  भी मंडी में उपज नीलामी नहीं हो सकी। नेफेड के अधिकारियों के साथ ही नसरुल्लागंज एसडीएम एचएस चौधरी, तहसीलदार नरेन्द्र ठाकुर, मंडी सचिव सुनील भुलेकर, सहित अन्य अधिकारियों ने किसानों और किसान संघ के लोगों के साथ बैठकें कर विवाद खत्म करने के प्रयास किए, लेकिन शाम तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया था।

मंडी में दाम कम, समर्थन पर क्वालिटी रोड़ा
नसरुल्लागंज मंडी में चल रहे हंगामे का मुख्य कारण किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिलना है। नसरुल्लागंज अंचल में इस वर्ष मूंग की बंपर आवक हुई है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी भी पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिक उत्पादन के चलते यहां किसानों की मूंग प्रति क्विंटल तीन से चार हजार तक ही खरीदी जा रही है, वहीं समर्थन मूल्य 5225 रुपए है। समर्थन मूल्य तय मापदंडों पर आने वाली उपज ही खरीदी जा रही है, यहां अधिकतर किसानों की उपज को वापस लौटाया जा रहा है, जिससे किसानों को घाटे में अपनी उपज बेचना पड़ रही है। प्रति क्विंटल एक हजार रुपए से अधिक के नुकसान को देखते हुए किसान और किसान संघ से जुड़े लोग तीन दिनों से नीलामी का बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
तीन दिन से खड़ी हैं अनाज से भरी ट्रालियां
नगर की मंडी में मूंग और उड़द से भरी ट्रॅालियों के आने का सिलसिला रविवार से प्रारंभ हो गया था, सोमवार सुबह तक मंडी खचाखच भर चुकी थी, भावों को लेकर चल रहे गतिरोध से तीसरे दिन भी किसानों की ट्रालियां परिसर में ही खड़ी रहीं। मंगलवार को भी किसानों को ट्रालियों पर ही रात बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंडी में इस समय 10 हजार क्विंटल से अधिक अनाज से भरी ट्रालियां खड़ी हुई हैं।

दूसरी बैठक भी रही बेनतीजा    
इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए एसडीएम एचएस चौधरी, तहसीलदार नरेन्द्र ठाकुर, सहित अन्य ने नेफेड के अधिकारियों के साथ ही किसान संघ के भारतीय मजदूर के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र जाट, गजेंद्र जाट महेश्वरी, सीताराम खारोल, किसान हरि सिंह गोविंद सिंह रामभरोस सहित अन्य किसानों को आमने-सामने बैठाकर गतिरोध खत्म करने के प्रयास किए। दूसरी बार आयोजित इस बैठक में भी रात आठ बजे तक कोई नतीजा नहीं निकला था। न तो नेफेड अपनी क्वालिटी कंट्रोल से समझौता करने को तैयार थी न ही किसान कम दामों पर उपज बेचने को। अब बुधवार को इस मामले का हल निकलने की उम्मीदें जताई जा रही है।

समर्थन मूल्य खरीदी 25 से, रेट तय नहीं
सीहोर. जिले में मोटे अनाज और धान की खरीदी समर्थन मूल्य खरीदी 25 अक्टूबर से की जाएगी। जिले के खाद्य विभाग द्वारा इसकी तारीखें तय कर दी हैं, लेकिन समर्थन मूल्य अब तक सरकार तय नहीं कर सकी है। समर्थन मूल्य तय नहीं होने के कारण किसान भी असमंजस की स्थिति में है। इस वर्ष मात्र 2200 किसानों ने मोटे अनाज और धान खरीदी के लिए पंजीयन करवाया है। जिला आपूर्ति विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष मोटे अनाज की समर्थन मूल्य पर खरीदी 25 अक्टूबर से 15 जनवरी 2017 तक की जाएगी, वहीं धान की खरीदी दो नवंबर से प्रारंभ होकर 25 जनवरी तक की जाएगी। इस वर्ष धान खरीदी के लिए जिले में 1979 किसानों ने और मक्का खरीदी के लिए 226 किसानों ने पंजीयन करवाया है। जिला आपूर्ति अधिकारी एसके जैन ने बताया कि बीस अक्टूबर तक समर्थन और बोनस की घोषणा कर दी जाएगी। समर्थन मूल्य खरीदी के लिए केन्द्रों पर व्यवस्था करवाई जा रही है।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned