सरकार बाजार से महंगा बेच रही किसानों को खाद

सरकार बाजार से महंगा बेच रही किसानों को खाद
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Bharat pandey | Publish: Jun, 11 2016 11:30:00 PM (IST) Sehore, Madhya Pradesh, India

बाजार भाव से सौ रुपए तक अधिक वसूले जा रहे है दाम

 सीहोर। प्री-मानसून की आहट के साथ ही जिले के किसान खेती की तैयारियोंं में जुट गए हैं। किसानों ने खरीफ सीजन के लिए अपने खेतों को तैयार कर खाद-बीज की व्यवस्थाएं प्रारंभ कर दी है। खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने उपयोग किए जाने वाले खाद को लेकर इस बार किसान सरकारी खाद लेने से बच रहा है। सोसायटी और कृषि उपज मंडी के खाद विक्रय केन्द्र पर खाद का भंडार भरा है, लेकिन किसान खाद लेने पहुंच ही नहीं रहे है। सोसायटी और सरकारी विक्रय केन्द्रों पर सरकारी खाद की कीमत बाजार से अधिक होने के कारण नकद खाद लेने वाले किसानों का टोटा दिखाई दे रहा है।

गले-गले भरे है जिले के खाद गोदाम
बीते वर्षों में किसान मई और जून में सोसायटियों और अन्य खाद विक्रय केन्द्रों से मांग के अनुरूप खाद का उठाव कर लेते थे, लेकिन इस वर्ष अब तक किसानों ने सोसायटियों से खाद लेने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। जिले के खाद गोदामों में इस समय 48 हजार मीट्रिक टन खाद का भंडार मौजूद है। जो मांग से भी ज्यादा है। इस भंडार में 13 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 16  हजार 356  मीट्रिक टन डीएपी,14 हजार 735 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट, 2 हजार 197 मीट्रिक टन 12:32:14 का भंडार मौजूद है।

3.5 लाख हेक्टेयर में होना है बोवनी
इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए कृषि विभाग द्वारा तीन लाख 53 हजार 901 हेक्टेयर रकबे में बोवनी का लक्ष्य रखा है। इस रकबे में दो लाख 80 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन, 36  हजार हेक्टेयर में धान, 12 हजार हेक्टेयर में मूंग, 11 हजार 46 0 हेक्टेयर में अरहर, दो हजार हैक्टेयर में ज्वार, 2100 हेक्टेयर में मक्का की बोवनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग की माने तो जिले में बीज का भंडारण भी 53 हजार 96 4 क्विंटल से अधिक है, लेकिन अभी इसका उठाव भी नहीं हो पा रहा है।   

सोसायटियों पर पसरा है सन्नाटा
जिले के गोदामों में पर्याप्त खाद होने के बाद भी किसान फिलहाल इसका उठाव करने से बच रहा है। अधिकांश सोसायटियों पर अब तक खाद का उठाव प्रारंभ नहीं हुआ है। यहां सोसायटियों से जुड़े लोगों की माने तो किसानों ने गत वर्ष का रुपया नहीं लौटाया है, जिसके चलते उन्हें नए सीजन के लिए उधार में सामान नहीं मिल रहा है, ऐसे किसानों की संख्या 61 हजार से अधिक बताई जा रही है। यह किसान नकद में सोसायटी से महंगा खाद खरीदने से बच रहे है।नकद खाद खरीदने वाले किसान सोसायटी की बजाए खुले बाजार से खाद खरीदने पर जोर दे रहे है। यहां किसान को उधारी के साथ सस्ता खाद भी मिल रहा है।

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