सेवा समाप्ति की चेतावनी के बाद भी नहीं डिगे हड़ताल से

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बनाई 3 किमी की मानव श्रंृखला, सेवा समाप्ति की चेतावनी का सोमवार को था आखिरी दिन, नहीं लौटा कोई भी काम पर.

By: brajesh tiwari

Published: 13 Mar 2018, 10:21 AM IST

सीहोर. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों के हल नहीं होने तक वापस लौटने तैयार नहीं है। सरकार ने १२ मार्च तक काम पर लौटने सेवा समाप्ति का चेतावनी पत्र जारी किया था, लेकिन संविदा कर्मचारियों में कोई भी हड़ताल से वापस नहीं लौटा। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हड़ताल के २२वें तीन किमी मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध प्रकट किया गया।

कर्मचारियों का साफ कहना है जब तक सरकार उनके निकाले गये साथियों को सेवा में पुन: वापस नही लेगी और उनका नियमितिकरण अथवा संविलियन नहीं किया जाता है तब तक वह मैदान में डटे रहेंगे।

11 मार्च से 13 मार्च तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का द्वितीय चरण चल रहा है। सरकार ने संविदा कर्मचारियों को 12 मार्च तक काम पर नहीं लौटने पर सेवा समाप्ति का की चेतावनी दी गई थी।

संविदा कर्मचारियों ने इस आदेश को जलाकर 3 किलोमीटर की लंबी मानव बनाई।मानव श्रृंखला ट्रामा सेंटर से बस स्टैंड तक बनाई और संविदा नीति के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।

क्षय नियंत्रण केन्द्र के खकार सेंटर बंद
संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कि हड़ताल के चलते क्षय नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित करीब 11 खकार सेंटर बंद पड़े हैं, वहीं एमडीआर से संबंधित 83 टीबी मरीज भी एमडीआर की दवा से प्रभावित हो गए है। खखार कलेक्शन सेंटर में टीबी की जांच होती है।

बंद पड़े सेंटरों में आष्टा में 4, जिला चिकित्सालय, जावर, मैना, सिद्धिकगंज, रेहटी, लाड़कुई, बिलिकसगंज, अहमदपुर, अमलाहा शामिल हैं। इसके साथ ही विगत 22 दिन से सीबीनेट जंाच रिपोर्ट भी राज्य स्तर पर जिले से नहीं गई है।सीबीनाट मशीन भी बंद पड़ी हुई है। भारत सरकार द्वारा भी पत्रों के माध्यम से सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की रिपोर्ट ठप होने से राज्य सरकार को जमकर लताड़ लगाई है।

घर-घर जाकर देंगे सरकार के अन्याय की जानकारी
संविदा स्वास्थ्य संघ के जिलाध्यक्ष तरूण राठौर ने बताया कि जिले में कार्यरत 500 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से सभी 14 साफ्टवेयर ठप पड़े हैं। जिससे भारत सरकार को जिलास्तर से जाने वाली सारी रिपोर्ट प्रभावित हो गई है।

संविदा कर्मचारियों का कहना है कि 13 मार्च के बाद आंदोलन का और अधिक उग्र किया जाएगा जिसमें घर-घर और मोहल्ला जाकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे अन्याय अत्याचार की जानकारी देकर जनसमर्थन हासिल किया जाएगा ।

धरना स्थल पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को जिला अध्यक्ष तरूण राठौर, राज्य कोर कमेटी सदस्य शैलेश शैल, संयुक्त संविदा मोर्चा के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा मनीष दुबे, डॉ अजहर अली, डा अशोक मालवीय, रमेश शर्मा, रमाकांत द्विवेदी, महाराज सिंह, नीतू शर्मा, रजनी सागर, जयदीप मालवीय, रेणुका शिवहरे, आरती वराठे, असद खान ने संबोधित किया।

 

brajesh tiwari
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