गरीबों के केरोसीन पर सरकार ने चलाई कैंचीं, दो लीटर तेल में 30 दिन कैसे जले चूल्हा?

1.57 लाख से अधिक हितग्राहियों को दो माह से चार के जगह मिल रहा दो लीटर केरोसीन

By: Bharat pandey

Published: 06 Nov 2016, 11:27 PM IST

सीहोर।  दो लीटर तेल में 30 दिन घरों का चिराग नहीं जल सकता है। फिर गरीबों के घरों के चूल्हे कैसे जलेंगे? सरकार को यह बात कौन बताएं। पिछले महीने के बाद इस माह भी प्राथमिकता वाले परिवारों को चार लीटर के स्थान पर दो लीटर केरोसीन दिया जा रहा है।

 
इससे जिले के करीब डेढ़ लाख प्राथमिकता वाले गरीबों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गरीबों को चिंता सता रही है कि दो लीटर केरोसीन में महीने भर घर में कैसे उजाला होगा। जिले में प्राथमिकता वाले परिवारों की संख्या एक लाख 57 हजार 541 है। इन प्राथमिकता वाले परिवार को सिंतबर माह तक प्रत्येक परिवार चार लीटर केरोसीन का वितरण राशन दुकानों से किया जाता था। पात्र परिवारों को सितंबर माह तक  तो प्रत्येक परिवार चार लीटर केरोसीन मिलता रहा, लेकिन पिछले दो माह से गरीबों की दिक्कतें बढ़ गईहैं। पिछले माह अक्टूबर में दीपावली का पर्व होने के बाद भी प्रत्येक परिवार को राशन दुकानों से दो लीटर केरोसीन दिया गया था। इसके बाद इस माह नवंबर में भी राशन दुकानों से प्रत्येक परिवार को दो लीटर केरोसीन का वितरण किया जा रहा है। गरीबों की माने तो दो लीटर केरोसीन में 30 दिन तक घरों का चिराग भी जलाना संभव नहीं है। जबकि गरीबों को दो लीटर केरोसीन चूल्हा जलाने के लिए दिया जा रहा है। तेल आवंटन में कमी किए जाने से गरीबों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
 
372 केएल केरोसीन का मिला आवंटन
जिले में 331 राशन की दुकानों पर वितरण के लिए लगभग 700 केएल (किलोलीटर) केरोसीन की आपूर्ति की जाती थी। तेल कंपनियों द्वारा केरोसीन आवंटन में कटौती के फैसले के बाद जिले को अक्टूबर के बाद लगातार दूसरे माह नवंबर में 372 केएल तेल का आवंटन किया गया है। इसके चलते पात्र प्राथमिकता वाले परिवार के लगभग डेढ़ लाख कार्ड धारक परिवारों को दिए जाने वाले तेल की मात्रा चार लीटर के स्थान पर दो लीटर कर दी गई है। 
Bharat pandey Desk
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