अतिथि और वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे स्कूलों में पढ़ाई, यहां शिक्षकों की भरमार

'शहर का नहीं छूट रहा मोह, गांव के स्कूल में नहीं जाना चाहते शिक्षक' teachers

सीहोर। सरकार सड़क, बिजली, पानी से लेकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक गांव में मजबूत इंफ्रास्ट्राक्चर देने का दावा कर रही है, लेकिन सरकारी शिक्षक Govt.teacher हैं कि शहर छोडऩे तैयार ही नहीं हैं।

शहरी क्षेत्र में संचालित सरकारी स्कूल govt school में शिक्षकों teacher की भरमार है और गांव के स्कूल खाली पड़े हैं। शहर के एक-एक स्कूल में 10-10 शिक्षक shikshak अतिशेष में हैं और गांव के प्राइमरी, मिडिल व हायर सेकंडरी स्कूल अतिथि शिक्षक atithi shikshak और वैकल्पिक व्यवस्था की दम पर खुल रहे हैं।

सीहोर जिले में सरकारी स्कूलों की यह स्थिति तब है, जब सरकार ने शिक्षकों के ट्रांसफार की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम online system के जरिए पूरी किया है। यह प्रक्रिया 22 जून से प्रारंभ होकर 24 सितंबर तक चली।

इस प्रक्रिया के तहत करीब करीब 1 हजार 775 शिक्षक Teacher इधर से उधर भी हुए, लेकिन स्थिति में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। रसूखदार Influential और राजनीतिक संरक्षण political protection प्राप्त शिक्षक अभी भी पद के विरूद्ध जहां थे, वहीं हैं

और गांव के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, ऐसे में दो दिसंबर से करीब 1400 अतिथि शिक्षक नियमितीकरण Guest teacher regularization की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं, जिससे पूरे शिक्षा विभाग का सिस्टम खराब हो गया है। स्टूडेंट्स students की पढ़ाई studies चौपट हो रही है।


यह है स्थिति
जिले में सरकारी स्कूल GovtSchool ...
प्राइमरी स्कूल : 1342
मिडिल : 677
हाई स्कूल : 118
हायर सेकं डरी : 114
जिले से शिक्षकों का ट्रांसफर : 815
जिले में बाहर से आए शिक्षक : 760
अतिशेष शिक्षक वाले स्कूल : 50
शिक्षकों की कमी वाले स्कूल : 140

यहां छात्रों को पढ़ाने के लिए नहीं शिक्षक
नसरुल्लागंज ब्लॉक Nasrullaganj block के पिपलानी संकुल के तहत आने वाले फंडकी गांव के प्राइमरी और मिडिल स्कूल में क्रमश: 94 और 60 छात्र संख्या है। सरकारी मिडिल और प्राइमरी स्कूल के 154 स्टूडेंट को पढ़ाई के लिए यहां पर स्थाई शिक्षक Permanent teacher नहीं है। अफसर अतिथि और वैकल्पिक शिक्षक के भरोसे स्कूल लगा रहे हैं।

नसरुल्लागंज ब्लॉक के पिपलानी संकुल में घोघरा गांव के सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूल के भी यही हाल हैं। यहां पर स्थाई शिक्षक नहीं है। कक्षा एक से 5वीं तक के स्कूल में 144 और मिडिल में 147 छात्र-छात्राएं हैं। दोनों स्कूल में एक भी स्थाई शिक्षक नहीं Not a permanent teacher होने को लेकर अफसरों ने अतिथि और वैकल्पिक शिक्षक Guest and substitute teacher की व्यवस्था की है।

यहां पद से ज्यादा पदस्थ शिक्षक
शासकीय माध्यमिक शाला टैगोर में कक्षा एक से आठवीं तक के करीब 428 छात्र-छात्राएं Students पढ़ते हैं। प्राथमिक में छात्र संख्या 197 और मिडिल में 231 स्टूडेंट्स है।

मिडिल और प्राइमरी स्कूल में कुछ 17 शिक्षक पदस्थ Teacher posted हैं, जबकि यहां पर कक्षा एक से 8वीं तक के शिक्षकों के लिए 11 पद स्वीकृत हैं। स्कूल में 6 शिक्षक अतिशेष हैं।

शासकीय कस्तूरबा हायर सेकंडरी स्कूल में कक्षा एक से 12वीं तक की छात्र संख्या करीब 565 है। यह स्कूल एक परिसर, एक शाला में गिना जाता है। स्कूल में 44 शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि स्वीकृत पद Sanctioned post 34 हैं। इस समय मिडिल स्कूल में 8 और हायर सेकंडरी में दो शिक्षक अतिशेष हैं। शहर के इस स्कूल में 10 शिक्षक अतिशेष हैं।

शिक्षा विभाग संकुल के हिसाब से शिक्षक विहीन शाला और अतिशेष टीचर वाली शालाओं की सूची तैयार कर रहा है। संकुल से इसकी जानकारी मांगी गई है, जल्द ही इस विषय पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
- एसपीएस बिसेन, डीईओ सीहोर

Show More
दीपेश तिवारी
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned