सवा सौ से अधिक मकान और तीन स्कूलों को टूटना है अवैध कब्जा

अतिक्रमण मुहिम शुरू नालों पर बने आलीशान मकानों को देख अधिकारी भी हुए दंग, प्रशासन ने शहर के नालों से अतिक्रमण हटाने एक बार फिर कमर कस ली है।

सीहोर. प्रशासन ने शहर के नालों से अतिक्रमण हटाने एक बार फिर कमर कस ली है। मछली पुल से वन विभाग तक गए नाले पर बने आलीशान मकानों को देख प्रशासनिक अधिकारी भी दंग रह गए। अतिक्रमण मुहिम को लेकिन प्रशासन ने मंगलवार को कुछ मकानों के अतिक्रमण हटाए गए। प्रशासन की माने तो नाले पर ५० से अधिक मकान और तीन निजी स्कूल अतिक्रमण के दायरे में आ रहे हैं। प्रशासन ने नाले पर आ रहे मकान मालिकों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का कहा गया है।

अतिक्रमण मुहिम को लेकर मंगलवार से प्रसाशन एक बार फिर मैदान में उतर आया है। अधिकारियों ने मौका मुआयना कर अतिक्रमणकारियों को समझाइश दी। वही कुछ लोगों ने अतिक्रमण तोडऩा भी शुरू कर दिया है। ज्ञात रहे कि पिछले दिनों कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने सीटू नाले के ३२८ अतिक्रमण चिन्हित कर अतिक्रमण तोड़े गए थे।इस दौरान अनेक लोगों ने स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटा लिए थे।

अनेक ने स्वयं हटाए अतिक्रमण
जिला प्रशासन की माने तो सीटू नाले के अलावा शहर से अन्य तीन सहायक नालों पर भी लोगों ने अतिक्रमण कर पक्के मकान बना लिए थे।

प्रशासन ने इन नालों पर बने मकानों को चिन्हित कर इनके अतिक्रमण हटाने नोटिस दिए गए थे। इन नालों पर करीब सवा लोगों के मकान और तीन निजी स्कूल के भवन आ रहे थे। अतिक्रमण नहीं हटाने पर मंगलवार को दल बल के साथ पहुंचा तो अनेक लोगों ने स्वयं अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए।

मंगलवार को एसडीएम राजकुमार खत्री, तहसीलदार सुधीर कुशवाह, नपा सीएमओ सुधीर कुमार कुशवाह ने मछली पुल से लेकर लुनिया मोहल्ला, इंग्लिशपुरा सहित अन्य स्थानों पर नाले पर बने अतिक्रमण का निरीक्षण कर मकान मालिकों को कब्जे तोडऩे हिदायत दी गई।

इस दौरान तीन निजी स्कूलों में ड्रीम इंडिया, इंटरनेशनल व एक अन्य का अवैध हिस्सा भी नाले में जरूरत से ज्यादा पाया गया। अधिकारियों ने कहा की अगर समय अवधि में खुद से अतिक्रमण नहीं टूटा गया तो प्रशासन सख्ती से जेसीबी का पंजा चलाकर अतिक्रमण तोड़ेगा।

मकानों को देख अधिकरी हुए दंग
नालों पर बने अवैध कब्जों को लेकर निरीक्षण करने अधिकारी पहुंचे थे। जहां कई मकान आधे से ज्यादा नाले के ऊपर ही बना दिए गए थे। जब मकानों को देखने अधिकारी अंदर पहुंचे तो नव निर्मित मकानों के अंदर की सजावट देख दंग रह गए। मकान महंगी डिजाइनों से सजाया गया था। वही बाहर से मकान साधारण नजर आ रहे थे। जिन्हे देख अधिकारी भी दंग रह गए।

सरकारी जमीन को ही दे दी लीज पर
अतिक्रमण मुहिम के दौरान पुराने उद्योग विभाग और रोजगार कार्यालय की जमीन वृद्धा आश्रम के लिए चिन्हित की गई है। जमीन का निरीक्षण करने के दौरान पाया की विभाग के कर्मचारियों ने अधिकरियों की जानकारी दिए बगैर ही तीन प्लाट लीज पर दे दिए। एसडीएम राजकुमार खत्री ने बताया की लीज पर दी गई जमीन उद्योग के लिए है। अगर यह जमीन निजी काम के लिए दी गई है तो जांच कराई जाएगी।

मीट मार्केट को लेकर भी तलाशे जा रहे विकल्प
वर्षो से शहर के बीचों-बीच बने मीट मार्केट को लेकर भी प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। अतिक्रमण मुहिम के दौरान ही अधिकारियों ने शहर में संभावित स्थानों को देखकर निरीक्षण किया। जल्द ही जमीन को चिन्हित कर बाजार को शिफ्ट किया जा सकता है। बता दे की बीच शहर में बाजार होने से समस्या को लेकर शहर के कुछ लोगों ने कोर्ट में जनहित याचिका भी लगाई थी। इसके बाद जारी आदेश के बाद पहल की शुरूआत की गई है।

शहर के सहायक नालों पर करीब सवा सौ मकान आ रहे हैं। लोगों ने स्वयं ही अतिक्रमण तोडऩे शुरू कर दिए हैं, जिन लोगों द्वारा अतिक्रमण नहीं तोड़ा जाएगा। प्रशासन द्वारा उनका अतिक्रमण को सख्ती से तोड़ दिया जाएगा।

- राजकुमार खत्री, एसडीएम सीहोर

वीरेंद्र शिल्पी Desk
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