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Living person की अंत्येष्टी के लिए पांच हजार की मदद, सरकारी रेकॉर्ड में दो साल के पोते को बनाया गवाह

जिंदा व्यक्ति का नाम समग्र आइडी से हटा तब हुआ खुलासा, साल 2019 में साबिदा बी के खाते में दी राशि

सीहोर

Updated: February 26, 2022 08:16:33 pm

सीहोर. नगर पालिका आष्टा ने एक जिंदा व्यक्ति की अंत्येष्टी के लिए पांच हजार और उसके मरने के बाद परिवार को sambal yojna के दो लाख रुपए देने का मामला सामने आया है। यह दो लाख पांच हजार रुपए की राशि जिंदा (रेकॉर्ड में मृतक) रईश खान के परिवार को नहीं, बल्कि किसी अनजान साबिदा बी के बैंक खाते में जमा हुई है।

जिंदा व्यक्ति की अंत्येष्टी के लिए पांच हजार की मदद, सरकारी रिकॉर्ड में दो साल के पोते को बनाया गवाह
जिंदा व्यक्ति की अंत्येष्टी के लिए पांच हजार की मदद, सरकारी रिकॉर्ड में दो साल के पोते को बनाया गवाह

रईश खान को उसकी मौत का पता उस समय चला, जब sambal id से उसका नाम हटा। कुछ दिन पहले समग्र आइडी से नाम हटने के बाद जब वह इसकी शिकायत लेकर नगर पालिका आष्टा पहुंचा तो पता चला कि न केवल रेकॉर्ड में उसकी मौत हो गई है, बल्कि उसकी अंत्येष्टी और परिवार को संबल बंधाने के लिए सरकार से दी जाने वाले 2 लाख 5 हजार रुपए की राशि भी निकल गई है। पीडि़त जिंदा होने के बाद भी रेकॉर्ड में नगर पालिका के मृत बताने और उसके नाम पर फर्जी तरीके से राशि निकलने की बात से दुखी है। मानसिक रूप से खुद को काफी परेशान महसूस कर रहा है। न्याय की मांग के लिए उसने तहसीलदार लाखन सिंह चौधरी के दफ्तार में शिकायत की है।

नपा ने रेकॉर्ड में दो साल के पोते तो बताया गवाह
आष्टा किला क्षेत्र निवासी रईश पिता अब्दुल रऊफ खान ने बताया कि अचानक सामग्री आइड से उसका नाम हटा दिया गया है, इससे पीडीएस दुकान से राशन मिलना बंद हो गया। पीडीएस दुकान से नाम हटाने की वजह जानने के लिए पिछले एक साल से आष्टा नगर पालिका के चक्कर काटे, लेकिन हर बार अधिकारी-कर्मचारियों ने टाल-मटोल कर भगा दिया करते थे, जब मामला संदिग्ध लगा तो उसने इसकी पड़ताल शुरू की और जब वजह सामने आई तो उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई। रईश खां ने बताया कि नपा के रेकार्ड में एक जनवरी 2019 को उसकी मौत होना दर्शाया है। वहीं, 15 मार्च 2019 को उनकी अंत्येष्टी के लिए 5 हजार रुपए की सहायता और फिर उसके बाद संबल योजना में मिलने वाली दो लाख रुपए की राशि दूसरे व्यक्ति के नाम से निकाली दी। बताते हैं कि इस राशि को देते समय सरकारी अफसर गवाह रखते हैं, लेकिन इसमें रईश खां के पांच साल के पोते का गवाह में दर्ज मिला है। राशि निकालते समय पोते की उम्र महज दो साल थी।

किसी साबिदा बी नाम की महिला के खाते में जमा हुई राशि
रईश खां ने बताया कि जिस खाते में अंत्येष्टी और संबल योजना की राशि जारी हुई है वह नगर पालिका रेकार्ड में साबिदा बी के नाम से बताया है। इस नाम की महिला उसके परिवार तो दूर की बात रिशेतदारी में ही नहीं है। पीडि़त का कहना हैकि नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों की सांठगांठ से यह बड़ी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी जांच कर संबंधित गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
वर्जन...
- इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसकी पूरी जांच कर डिटेल निकाली जाएगी। उसके बाद यदि गलत हुआ है तो संबंधित व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एनके परसानिया, सीएमओ नगर पालिका आष्टा

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