खिवनी अभ्यारण्य पहुंच मार्ग जर्जर, सैलानी परेशान

जिले के एक लाख 34 हजार 778 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला खिवनी अभ्यारण्य

दौलतपुर/दोराहा. बारिश से खराब हुए खिवनी अभयारण्य पहुंच मार्गों का प्रबंधन द्वारा अभी तक मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। इसके चलते अभ्यारण्य के प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठाने के लिए यहां पहुंचने वाले सैलानियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधन द्वारा पर्यटकों को अभ्यारण्य में आवागमन को लेकर एक नवम्बर से गेट तो खोल दिए गए, लेकिन सड़कों की बदहाली के अभी तक महज आधा दर्जन सैलानी ही यहां पर पहुंच पाए हैं।

ज्ञातव्य है कि सीहोर और देवास जिले के एक लाख 34 हजार 778 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला खिवनी अभ्यारण्य प्राकृतिक सौंदर्य व छटाओं से आछंदित है। विंध्य पर्वत श्रंखलाओं से घिरे होने के साथ ही इसमें बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजाति के वन्य प्राणी निवास करते हैं। इसके अलावा अभ्यारण्य में कई ऐसे धार्मिक व पर्यटक स्थल हैं जो यहां पहुंचने वाले सैलानियों को आनंद और उत्साह से भर देते हंै। कल-कल की ध्वनी से बहने वाले झरने, पंझियों का कलरव वन्य प्राणियों की धमाचौकड़ी निश्चित रूप से पर्यटकों में रोमांच भर देते है। यही कारण है कि इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, भोपाल, आष्टा, खातेगांव सहित विभिन्न शहरों व कस्बों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। कई धार्मिक अवसरों पर भी आसपास गांवों से श्रद्धालु यहां विभिन्न आयोजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस समय पर्यटकों को अभ्यारण्य की सुंदरता का लुफ्त उठाना काफी मुश्किल हो रहा है। दरअसल बारिश के कारण अभ्यारण्य के पहुंच मार्गों की हालत बद से बदत्तर हो गई है। ऐसे में अभ्यारण्य आने वाले पर्यटकों को आवागमन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समिती के सदस्य कृष्णकांत वर्मा ने बताया कि यहां पर्यटकों का अक्सर जमावड़ा लगा रहता है लेकिन अभी पिछले 10 दिनों में महज आधा दर्जन ही पर्यटक पहुंचे हंै।

जर्जर पुलिया दे रही हादसों को आमंत्रण
दोराहा. क्षेत्र के दोराहा जोड़ के पास एनएच 12 पर एक पुलिया बारिश के दौरान ढह गई थी। जो अब जर्जर हालत में है, जिस पर आए दिन वाहन चालक दुर्घटना क शिकार हो रहे हैं। पुलिया ढह हुई करीब तीन माह हो चुके हैं। इसके बावजूद भी सीडीएस कंपनी द्वारा इसकी सुध नहीं ली है और डामर तक नहीं कराया गया है। ऐसे में जर्जर पुलिया पर आए दिन भारी वाहन फंस रहे हैं। वहीं जर्जर पुलिया पर दो पहिया वाहन फिसलने से हादसे का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि निर्माण कंपनी के जिम्मेदारों पुलिया को दुरुस्त कराने को लेकर कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद भी पुलिया पर आज तक डामरीकरण का कार्य नहीं किया गया है। जिसका खामियाज लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

अभ्यारण्य पहुंचने में बाधा बन रहे सड़क के गड्ढे
खिवनी अभ्यारण्य में आवागमन के लिए दौलतपुर, कुसमानिया, बड़कोला और पटरानी मार्ग है। इनमें से कुसमानिया को छोड़कर शेष तीनों मार्ग कच्चे हैं। सीहोर, इछावर क्षेत्र के पर्यटक व ग्रामीण अभ्यारण्य में आवागमन के लिए दौलतपुर व होशंगाबाद, हरदा आदि क्षेत्र के लोग पटरानी मार्ग का उपयोग करते हैं। जो कि बारिश के दौरान जर्जर व उबड़ -खाबड़ हो गए हैं। हर साल प्रबंधन बारिश के तुरंत बाद मार्गों की मरम्मत कराता है, लेकिन इस बार अभी तक उक्त मार्गों को सुधारा नही जा सका है। यही कारण है कि पिछले 10 दिन में करीब आधा दर्जन पर्यटक ही यहां पहुंचे हंै।

अभ्यारण्य में अभी अंदरूनी मार्गों की मरम्मत कराई जा रही है। शीघ्र ही मुख्य मार्गों को भी ठीक करवा दिया जाएगा, ताकि पर्यटकों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।
अमीरचंद्र आस्कले, रेंजर, खिवनी अभ्यारण्य

वीरेंद्र शिल्पी
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