फ्री लीगल मेडिकल एडवाइज देने बीडीएस के बाद की एलएलबी

जीवन में उतरी स्वामी विवेकानंद की सीख, समाज सेवा में जुटे डॉक्टर नामदेव

By: Kuldeep Saraswat

Updated: 12 Jan 2021, 09:46 AM IST

सीहोर. स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी हर एक लाइन पर पीएचडी की जा सकती है। मुझे उनकी एक बात ने बहुत प्रभावित किया, वह है समाज के लिए समर्पण। यदि हम सक्षम हैं तो हमारी जिम्मेदारी है कि हम समाज के बारे में अच्छा सोचें, कुछ नया करें। बस उनकी इसी बात से प्रभावित होकर मेडिकल प्रैक्टिस के दस साल बाद मैंने एलएलबी की और अब तीन साल से फ्री लीगल मेडिकल एडवाइज दे रहा हूं। यह कहना है शहर के ओरल एण्ड डेंटल सर्जन डॉ. गगन नामदेव का।

38 वर्षीय डॉ. गगन नामदेव ने 13 साल से बीडीएस करने के बाद मेडिकल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। साल 2019 में इन्होंने एलएलबी की डिग्री प्राप्त की है। संभवत: जिले के यह पहले व्यक्ति हैं, जिसने इंदौर से बीडीएस करने के बाद मेडिकल काउंसिल में रजिस्टे्रशन कराया और मेडिकल प्रैक्टिस के दौरान एलएलबी की, जबकि यह जानते हैं कि जब तक मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन है, बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है।

डॉ. नामदेव कहते हैं कि उन्होंने एलएलबी वकालत करने के लिए नहीं, बल्कि गरीब व्यक्तियों को नि:शुल्क लीगल मेडिकल एडवाइज देने के लिए की है। सही लीगल मेडिकल एडवाइज के अभाव में 30 से 40 प्रतिशत लोगों को अपना हक नहीं मिलता है। डॉक्टर नामदेव के मन में सेना और सैनिकों के लिए भी अद्भुत सम्मान है। यह बीते एक दशक से सैनिकों का नि:शुल्क उपचार करते हैं। यह अभी तक करीब 600 से ज्यादा सैनिकों का उपचार कर चुके हैं। इस कार्य के लिए शहर की कई समाजसेवी संस्था इनका सम्मान कर चुकी हैं। कोरोनाकाल में भी इन्होंने समाज सेवा से जुड़े कई कार्य किए हैं। यह हर साल गरीब बच्चों के लिए नि:शुल्क पुस्तक और शिक्षण सामग्री का वितरण करते हैं। कोरोनाकाल में इन्होंने शहर के करीब 250 विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लास कराई है। बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मुहैया कराने का पूरा खर्चा इन्होंने स्वयं उठाया है।

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