मंडी समिति भंग, कल से एसडीएम संभालेंगे कार्यभार

समिति भंग होने से कामकाज हो सकते हैं प्रभावित...

By: Anil kumar

Published: 07 Jan 2019, 11:06 AM IST

सीहोर/आष्टा। मंडी चुनाव के समय से अधिक होने के चलते कृषि उपज मंडियों में बनी समितियां 6 जनवरी को भंग हो जाएगी। वहीं सात जनवरी से जिले की 8 मंडियों का कार्यभार क्षेत्रीय एसडीएम के पास आ जाएगा। इससे मंडी से जुड़े कामकाज प्रभावित हो सकते हैं। जिससे किसानों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


एक साल बढ़ा दिया था कार्यकाल...
जिले में साल 2012 में मंडी चुनाव हुए थे। इस हिसाब से देखा जाए तो पांच साल बाद 2017 में चुनाव होने थे। इसमें मंडी समिति का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया था। इसके बाद साल 2018 में मंडी चुनाव होने के कयाष लगाए जा रहे थे।
यह साल भी पूरा ऐसे ही बीत गया। तय समय से अधिक होने के चलते 6 जनवरी से जिले की मंडियों में बनी समितियां भंग हो जाएगी। वहीं मंडी का कार्यभार आगामी जब तक चुनाव नहीं होते हैं तब तक एसडीएम के पास रहेगा। उनकी निगरानी और देखरेख में ही मंडी से जुड़े निर्णय लिए जा सकेंगे तो वही कामकाज भी हो सकेंगे।

 

 

क्या है समिति का काम...
बता दे कि समितियों का प्रमुख काम में समिति की बैठक आयोजित कर उचित निर्णय लेना है। इसी के साथ व्यापारियों के किसी तरह की गड़बड़ी करने की जानकारी सामने आती है तो उसका लाइसेंस सस्पेंड करने का भी अधिकार है। इसी के साथ अन्य काम भी समिति से जुड़े हुए हैं।

अब क्या बनेगी स्थिति...
एडीएम के पास वैसे ही ज्यादा काम रहता है इसमें मंडी का कार्यभार आने से और ज्यादा जवाबदारी बढ़ जाएगी। ऐसे में कुछ महत्वपूर्ण कामों में उचित निर्णय लेने या फिर उन्हें कराने में देरी हो सकती है। मंडी में किसी तरह की धोखाधड़ी का मामला सामने आया तो उस पर भी तय समय पर कार्रवाई होना मुश्किल हो सकता है। वहीं मंडी से जुड़े अन्य काम भी प्रभावित हो सकते हैं।

 

यह है जिले में मंडिया
सीहोर, आष्टा, इछावर, जावर, नसरूल्लागंज, रेहटी, श्यामपुर, बकतरा कृषि उपज मंडी है। जिसमें सीहोर और आष्टा की मंडी अपनी एक अलग ही पहचान रखती है। आष्टा मंडी को तो ए ग्रेड का भी दर्जा प्राप्त है। जिसमें सीजन के समय कई बार आवक का आंकड़ा 30 हजार क्विंटल तक पहुंच जाती है।

चुनाव कब सस्पेंस बरकार
मंडी समितियां भले ही भंग हो रही हो, लेकिन चुनाव कब होंगे यह सस्पेंस अब भी बरकरार है। इसकी तारीख अब तक भी निर्धारित नहीं हो सकी है। जबकि चार महीने बाद लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। उससे पहले यह चुनाव नहीं हुए तो और भी आगे मंडी चुनाव बढ़ सकते हैं।

भंग जाएगी समिति
मंडी में बनी समितियां रविवार से भंग हो जाएगी। अगले दिन से कार्यभार एसडीएम के पास आ जाएगा। जब तक चुनाव नहीं होते, तब तक उनकी मौजूदगी में ही मंडी से जुड़े काम होंगे।
किशोर महेश्वरी, सचिव कृषि उपज मंडी आष्टा

Anil kumar Reporting
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