नगर पालिका बढ़ाएगी अपना राजस्व, किसान-निजी कंपनी को बेचेगी कचरे से बनी खाद

- ट्रेंचिंग ग्राउंड की आधा एकड़ जमीन में बन रहा है खाद बनाने का प्लांट
- प्रयोग सफल रहा तो जल्द ही टेंडर जारी कर बड़े स्तर पर कराएगी काम

सीहोर@अनिल मालवीय की रिपोर्ट...
शहर से निकलने वाले वेस्टेज गीले कचरे को नगर पालिका ट्रेंचिंग ग्राउंड पर डिस्पोज करने की बजाए अब उससे खाद बनाएगी। इसके लिए ग्राउंड के साइड में खाली पड़ी आधी एकड़ अनुपयोगी जमीन में प्लांट तैयार कर रही है।

यहां खाद बनने के बाद उसे किसान और कंपनियों को बेचकर हर तीन महीने में दो लाख रुपए तक का राजस्व बढ़ाया जाएगा। इस राशि को शहर विकास में खर्च कर नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शुरूआत में प्रयोग सफल हुआ तो टेेंडर जारी कर बड़े स्तर पर इसका कार्य होगा।

नगर से प्रतिदिन 40 टन वेस्टेज गीला और सूखा कचरा निकलता है। जिसे नगर पालिका डोर टू डोर वाहन से कलेक्ट कर बायपास स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में डिस्पोज करती है। इस कार्य में ही नपा के काफी रुपए खर्च होते हैं।

इसे देखते इसी गीले कचरे से खाद बनाने की योजना बनाई है। जितना गीला कचरा निकलेगा उसे टें्रचिंग ग्राउंड पर डिस्पोज करने की बजाए उसे प्लांट में बनी टंकियों में डालकर खाद बनाया जाएगा। प्लांट को तैयार करने शुरुआत में नगर पालिका का करीब एक लाख रुपए का खर्च आएगाा।

एनजीओ की भी लेंगे मदद
नगर पालिका शुरुआत में अपने स्तर से यह कार्य कर रही है, जिसमें एनजीओ का सहयोग लेने की बात कहीं जा रही है। प्रयोग सफल रहा तो टेंडर जारी कर एक निर्धारित ठेेकेदार से यह कार्य कराया जाएगा। इसी के साथ औषधी प्लांट लगाने की योजना चल रही है। इसके भी पौधे लगाए जाएंगे, जिससे कि इनके बड़े होने पर आय प्राप्त हो सकें।

अभी इससे होती है आय
नगर पालिका के पास आय के स्रोत में जलकर, संपत्तिकर, समेकितकर, भवन निर्माण शुल्क, टावर लगवाने की शुल्क आदि ही प्रमुख है। इसमें भी संपत्ति कर एक करोड़ 39 लाख, जलकर 6 करोड़, समेकित कर का 81 लाख रुपए का बकाया है। बकाया राशि वसूल नहीं होने से नगर में अभी की स्थिति में विकास कार्य पर ब्रेक लगा हुआ है।

फैक्ट फाइल
सफाई कर्मचारी- 220
दरोगा- 11
हाथ गाड़ी- 70
डोर टू डोर वाहन- 21
ट्रैक्टर-ट्राली- 06
डंपर- 01
जेसीबी- 01
ट्रैचिंग- 01

जल्द होगा काम शुरू
नगर पालिका का राजस्व बढ़ाने गीले कचरे से खाद बनाने के लिए प्लांट तैयार किया जा रहा है। दो सप्ताह के अंदर इसका काम पूरा हो जाएगा। प्लांट पर खाद बनने के बाद उसे बेचा जाएगा, जिससे मिलने वाली राशि को शहर विकास में लगाया जाएगा।
- दीपक देवगड़े, स्वच्छता प्रभारी सीहोर

ऐसे बनाएंगे खाद
प्लांट पर पुरानी पानी की 28 पांच-पांच हजार लीटर की टंकियों को रखा है। टंकियों से आगे एक बड़ा एक हजार लीटर पानी की क्षमता का गड्ढा खोदा गया है। टंकियों को पाइप लाइन से कनेक्ट कर उसे सीधे गड्ढे से जोड़ दिया है।

गीला कचरा और वेस्टेज सब्जी को डालने के बाद ऊपर से गोबर डाला जाएगा। इससे जितना पानी का रिसाव होगा वह पाइप लाइन से सीधे गड्ढे में चला जाएगा और खाद टंकी में रह जाएगा। तीन महीने में इन टंकियों से 100 क्विंटल खाद तैयार होगा। इस कार्य को करने बकायदा पांच कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

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दीपेश तिवारी Desk
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