बिना डरे आसानी से दर्ज कराएं अपनी शिकायत

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ने पॉलीटेक्निक कॉलेज की छात्राओं को  दी कानून की जानकारी

By: Bharat pandey

Published: 23 Dec 2016, 11:16 PM IST

सीहोर।  18 से कम उम्र के बच्चों के साथ दुराचार की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन उससे कई गुना अधिक घटनाएं ऐसी हैं जो कहीं दर्ज ही नहीं की जातीं। इसका एक बड़ा कारण ये है कि ऐसे मामलों में दोषी बच्चों के परिवार का ही करीबी, रिश्तेदार या जानने वाला होता है। जिसके खिलाफ बच्चे डर से कभी शिकायत नहीं करते। ऐसे मामलों पर कार्रवाई का कोई रास्ता नहीं बचता है। यह बात राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने शुक्रवार को पत्रिका के 'निर्भीक बचपनÓ अभियान के तहत पॉलीटेक्निक कॉलेज की छात्राओं से समक्ष कहीं।

उन्होंने कहा कि अब इन्हीं मामलों पर शिकंजा कसने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग ने कमर कस ली है। बच्चों का सुरक्षा घेरा बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने शिकायत करने का आसान तरीका बच्चों को दिया है। अब बच्चे बिना डरे अपनी शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं, जिस पर आयोग कड़ी कार्रवाई करेगा। इसमें बच्चे को अपनी पहचान बताने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे मामलों से निपटने के लिए बच्चों के साथ होने वाले अश्लील कृत्यों और यौन शोषण की शिकायत के लिए ऑनलाइन शिकायत बॉक्स बनाया गया है। बच्चों के अधिकारों के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एक ऐसे ई-ड्रॉपबॉक्स पर काम कर रहा है, जिसमें बच्चे अपने साथ होने वाली ऐसी घटनाओं की शिकायत आसानी से दर्ज करा सकते हैं। इस ड्रॉपबॉक्स में बच्चे गाली-गलौज से लेकर शोषण और अश्लील कृत्यों की शिकायत अपनी बिना पहचान बताए दर्ज कर सकते हैं। यह ई-ड्रॉपबॉक्स राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की वेबसाइट पर उपलब्ध है।जिसमें छह तरीके से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत के 24 घंटे के अंदर कार्रवाईशुरू हो जाएगी। इस अवसर पर पालीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य डीआर वर्मा, पंकज जैन प्रमुख रूप से उपस्थितथे।

सोशल साइड के बेड इफेक्ट से बचें छात्राएं
निर्भीक बचपन अभियान में विशेष रूप से उपस्थित महिला सेल की प्रभारी विनीता विश्वकर्मा ने छात्राओं को सुरक्षा की विभिन्न बातों से अवगत कराने के साथ ही साइबर क्राइम के बारे में बताते भी उपयोगी जानकारी दी। उन्होंंने कहा कियंगस्टर्स में फेसबुक को लेकर काफी क्रेज है। आज हर कोई अपनी फेंडलिस्ट बढ़ाने में लगा रहता है। ऐसे में हम कई बार उन लोगों को भी एड कर लेते हैं जिन्हें हम जानते तक नहीं। ऐसे में आपके फोटोज और आईडी का मिस यूज हो जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए  बहुत जरूरी है कि आप सोशल नेटवर्किंग साइट्स को  संभलकर यूज करें। यदि कोई सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए आपको ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है तो तुरंत साइबर क्राइम डिपार्टमेंट या पुलिस से संपर्क साध कसते हैं।
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Bharat pandey Desk
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