जिले में अभी तक एक की मौत, आठ पॉजीटिव मरीज मिले

पिछले साल जिले में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला था, इससे पहले साल 2017 में यहां 24 से ज्यादा स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज मिले थे।

सीहोर. सीहोर स्वाइन फ्लू की चपेट में है। स्वाइन फ्लू से अभी तक एक की मौत हो चुकी है, वहीं एम्स भोपाल में भर्ती दूसरे मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिले से अभी तक स्वाइन फ्लू संदिग्ध 26 व्यक्तियों के सेंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसमें से 8 की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली है। सीहोर जिले में स्वाइन फ्लू ने दस्तक एक साल बाद दी है। पिछले साल जिले में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला था। इससे पहले साल 2017 में यहां 24 से ज्यादा स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज मिले थे।

जिले में स्वाइन फ्लू से मौत का पहला मामला 22 फरवरी को सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ब्रिजिशनगर निवासी 52 वर्षीय मोहन सिंह की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजीटिव निकली। परिजन ने उपचार के लिए हमीदिया अस्पताल भोपाल में भर्ती कराया, यहां पर 22 फरवरी को उपचार के दौरान मौत हो गई। ज्ञात हो, सीहोर जिले में स्वाइन फ्लू का पहला मरीज 12 फरवरी 2019 को मुगीसपुर में मिला था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया और सुरक्षा इंतजाम करने के बाद भी एक के बाद एक स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीजों की संख्या बढ़ती गई। मालूम हो, स्वाइन फ्लू का वायरस बहुत संक्रामक होता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच बहुत तेजी से फैलता है। इंफ्लूएंजा ए स्वाइन फ्लू वायरस के एक प्रकार 'एच-1-एन-1' द्वारा संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को फैलता है।

सबसे ज्यादा मरीज सीहोर शहर में
स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा प्रकोप सीहोर शहर में देखने को मिला है। यहां पर अभी तक चार पॉजीटिव मरीज मिले हैं। राठौर मोहल्ला गंज से सबसे ज्यादा मरीज हैं। इसके अलावा बुदनी में एक, मुगावली में एक, मुगीसपुर में एक पॉजीटिव मरीज मिला है। सीहोर जिले के आष्टा का एक स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज एम्स भोपाल में भी भर्ती है। मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन इसकी जानकारी अभी सीहोर स्वास्थ्य अमले के पास नहीं आई है।

अलर्ट पर जिला, सर्वे में लगीं टीम
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के लेकर जिले को अलर्ट पर रखा गया है। सीहोर में सर्वे के लिए 9 व्यक्तियों की टीम बनाई गई है। टीम सर्वे कर संदिग्ध मरीज के सेंपल लेकर जांच के लिए भेज रही है। बुदनी में छह, श्यामपुर में सात, इछावर में छह व्यक्तियों की टीम स्वाइन फ्लू के सर्वे में लगी हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से सभी अस्पताल में मुख्यालय से स्वाइन फ्लू की टेबलेट भेजी गई है। तहसील मुख्यालय पर अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं।

स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू में 100 डिग्री से ज्यादा का बुखार आना आम बात है। साथ ही सांस लेने में तकलीफ, नाक से पानी बहना, भूख न लगना, गले में जलन और दर्द, सिरदर्द, जोड़ों में सूजन, उल्टी और डायरिया भी हो सकता है। स्वाइन फ्लू से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह लाइलाज बीमारी नहीं है। थोड़ी सी एहतियात बरतकर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।

स्वाइन फ्लू से बचाव
- खांसते और छींकते समय मुंह को रूमाल से ढकें।
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
- यदि आप सर्दी जुखाम से संक्रमित है तो दूसरे व्यक्ति से कम से कम एक मीटर दूरी बनाए रखें।
- हाथ मिलाने और गले मिलने से बचें।
- संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए टिश्यू, रूमाल, तौलिए, वस्त्र आदि का उपयोग नहीं करें।
- यदि सर्दी जुखाम के लक्षण हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
- हाथ धोए बिना आंख, नाक और मुंह को न छुएं।


- स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। टीम सभी जगह सर्वे कर रहीं है। स्वाइन फ्लू का जैसे ही संदिग्ध मरीज मिल रहा है, तत्काल सेंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। -डॉ. आरके वर्मा, प्रभारी स्वाइन फ्लू

 

वीरेंद्र शिल्पी Desk
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