महंगी पड़ी सरकार से बगावत, कट गया 21 दिन का वेतन

मांगों को लेकर हड़ताल करने वाले पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों का वेतन काटा

By: Bharat pandey

Published: 02 Apr 2016, 11:53 PM IST

सीहोर। नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल करना पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को महंगा पड़ा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से हड़ताल करने वाले कर्मचारियों का 22 दिन का वेतन काटा गया है।

वेतन कटने को लेकर कर्मचारियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार नियमिती करण की मांग को लेकर सीहोर और आष्टा ब्लॉक में 22 फरवरी से 14 मार्च तक पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और मनरेगा कर्मचारियों द्वारा अनिश्चित कालीन हड़तला की गई थी। हड़ताल के कारण पंचायतों के सभी निर्माण कार्य ठप हो गए थे। निर्माण कार्य ठप होने को लेकर विभाग की तरफ से कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने के लिए काफी समझाइश दी है, लेकिन जब कर्मचारियों ने नहीं सुनी तो नौकरी से निकालते की कार्रवाई प्रस्तावित की गई। कर्मचारियों पर जिससे पहले कि नौकरी से निकालने की कार्रवाई होती सरकार से समझौता हो गया, लेकिन सरकार ने हड़ताल के दिनों का वेतन काट लिया है।
Bharat pandey Desk
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