scriptPanic among seven thousand population of 6 villages due to leopard sig | तेंदुआ दिखने से 6 गांव की सात हजार आबादी में दशहत | Patrika News

तेंदुआ दिखने से 6 गांव की सात हजार आबादी में दशहत

तीन टीम 24 घंटे कर रही निगरानी, फिर भी नहीं चला तेंदुए का पता

सीहोर

Published: October 23, 2021 11:20:12 am

आष्टा. पिपलिया खाड़ी के पास जंगल में तेंदुआ दिखने के बाद से छह गांव की करीब सात हजार से अधिक आबादी दशहत में हैं। इससे वह घर से बाहर निकल खेतों में जाने से तक डर रहे हैं। वन विभाग की तीन सदस्यीय टीम 24 घंटे पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकडऩे जुटी है, लेकिन शुक्रवार शाम तक तेेंदुआ पिंजरे में कैद होना दूर कोई लोकेशन ही पता नहीं चली है। इससे मौके पर तैनात टीम की मुश्किल बढ़ती जा रही है।

तेंदुआ
तेंदुआ

जानकारी के अनुसार मंगलवार को पगारिया हाट निवासी कल्लू खां पिपलिया खाड़ी के पास जंगल में बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान तेंदुए ने आकर बकरी पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। कल्लू ने तेंदुए को बकरी का शिकार बनाते हुए देखा तो आसपास मौजूद लोगों की मदद से चिल्लाचोंट कर और पत्थर मारकर भगाया था। इस घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। वन विभाग ने आनन-फानन में जंंगल में तेंदुए की सर्चिंग शुरू की, लेकिन जब कोई पता नहीं चला तो जंगल में पिंजरा लगा गया है।
18 सदस्य अमला कर रहा निगरानी
वन विभाग के 18 सदस्यों की तीन टीम घटना स्थल पर मौजूद है। टीम में शामिल 6 सदस्य अमला 8-8 घंटे की ड्यूटी कर रहा है। जिस पिंजरे को लगाया उसमें बकायदा बकरे को बांधा गया है, जिससे कि तेंदुआ उसे देखकर पिंजरे तक आए और कैद हो जाए। हालांकि शुक्रवार शाम तक तेंदुए का कोई पता नहीं चला है और न ही उसकी कोई नई लोकेशन ट्रेस हुई है। इससे विभाग तेंदुए के जंगल के अंदर जाने की भी अशंका जाहिर कर रहा है।
इन गांव में दशहत
तेंदुए की आहट से पिपलिया खाड़ी, खाचरोद, पगारिया हाट, सिद्दीकगंज, खेकाखेड़ी, बापचा सहित अन्य गांव के लोगों में दहशत है। बड़े लोग छोटे बच्चे को अकेला इधर-उधर भेजने से डर रहे हैं। वन विभाग की तरफ से लोगों को सावधानी पूर्वक रहने की सलाह दी गई है जिससे कि कोई घटना नहीं घटे। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले उदयपुर गांव में जंगल में बकरी चरा रहे दो लोगों पर जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने हमला कर दिया था। इससे दोनों ही गंभीर घायल हो गए थे। जिनको इलाज के लिए आष्टा सिविल अस्पताल लाना पड़ा था।
वर्जन...
जंगल में हमारी टीम पिंजरा लगाकर लगातार निगरानी रखे हुए है। अभी तक तेंदुआ पिंजरे में कैद नहीं हुआ है और न ही उसकी लोकेशन सामने आई है। इससे लगता है कि वह जंगल के अंदर निकल गया है।
राजेश चौहान, रेंजर वन विभाग आष्टा

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Republic Day 2022: परम विशिष्ट सेवा मेडल के बाद नीरज चोपड़ा को पद्मश्री, देवेंद्र झाझरिया को पद्म भूषणRepublic Day 2022: 939 वीरों को मिलेंगे गैलेंट्री अवॉर्ड, सबसे ज्यादा मेडल जम्मू-कश्मीर पुलिस कोस्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना हालातों पर राज्यों के साथ की बैठक, बोले- समय पर भेजें जांच और वैक्सीनेशन डाटाBudget 2022: कोरोना काल में दूसरी बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, जानिए तारीख और समयमुख्यमंत्री नितीश कुमार ने छोड़ा BJP का साथ, UP चुनावों में घोषित कर दिये 20 प्रत्याशीAloe Vera Juice: खाली पेट एलोवेरा जूस पीने से मिलते हैं गजब के फायदेगणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने में क्या है अंतर, जानिए इसके बारे मेंRepublic Day 2022: गणतंत्र दिवस परेड में हरियाणा की झांकी का हिस्सा रहेंगे, स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.