डाक्टरों की कमी के चलते अस्पताल के हाल-बेहाल, मरीज हो रहे परेशान

डाक्टरों की कमी के चलते अस्पताल के हाल-बेहाल, मरीज  हो रहे परेशान

Radheshyam Rai | Publish: May, 20 2019 03:02:37 PM (IST) Sehore, Sehore, Madhya Pradesh, India

अस्पताल में इलाज कराने आने वाले 70 गांव के मरीजों को स्टाफ के अभाव में नहीं मिल रहा इलाज

सीहोर. नगर के अस्पताल के इन दिनों हाल-बेहाल नजर आ रहे हैं, मात्र देा डाक्टरों के भरोसे पूरा अस्पताल चल रहा है। ऐसे में इन दिनों मौसमी बीमारियो से ग्रहित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पताल में मरीज बढऩे और डाक्टर दो होने के कारण अस्पताल में आए दिन इलाज को लेकर अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो जाता है। जहां पहले ओपीडी 200 से कम हुआ करती थी, वहीं अब मौसमी बीमारियों के चलते ओपीडी 300 से अधिक हो गई है। ऐसे में स्टाफ की कमी से झूज रहा अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

ज्ञातव्य है कि दो दशक पहले जब आज की अपेक्षा मरीजों की संख्या आधी हुआ करती थी तब इछावर अस्पताल मे सात डाक्टर पदस्थ थे जिनमे सर्जन, फिजिशियन, गायनोलांजिस्ट, डेंटिस्ट भी शामिल थे, लेकिन धीरे-धीरे सभी का ट्रांसफर हो गया और मात्र दो चिकित्सक डॉ. बीबी शर्मा एवं डॉ. आरएस वर्मा रह गए, जो आज भी अस्पताल में रहकर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से भी एक डाक्टर वर्मा ब्रेन हेमरेज की बीमारी से जूझ रहे हैं और राइटर के माध्यम से मरीजों का पर्चा बना रहे हैं।

ऐसे में पूरा भार डाक्टर बीबी शर्मा के कंधों पर आ गया है वही बीएमओ का भी पदभार संभाले हुए हैं कई बार तो ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है कि अस्पताल मे एक भी डाक्टर नहीं रहता इमरजेंसी के दौरान अस्पताल के अन्दरूनी और बाहरी दोनों हालातों को संभालना मुश्किल हो जाता है मरीजों के परिजन अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं जो डाक्टर एवं मौजूदा स्टाफ के लिए असहनीय हो जाता है।

 

नागरिकों ने मप्र शासन के तत्कालीन मंत्री एंव वर्तमान भाजपा विधायक करणसिंह वर्मा, पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, को भी अस्पताल में स्टाफ कमी की समस्या से अवगत कराया, लेकिन दोनों ही जनप्रतिनिधि कुछ भी नहीं कर पाए और अस्पताल के विषय में जन समस्याएं अब भी यथावत हैं।

अस्पताल को स्टाफ की दरकार
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक के 4, स्टाफ नर्स के 4, एएनएम के 2, डाटा एंट्री आपरेटर के 2, वार्ड वाय के 2 एवं फार्मसिस्ट, लेब टेक्निशियन, लेब असिस्टेंट, ड्रेसर, आया, दाई के एक-एक पद वर्षों से रिक्त हैं। इन पदों की पूर्ति के लिए नागरिकों ने कई मर्तबा स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। यही नहीं जब भी विभाग के उच्चाधिकारियों का निरीक्षण दल इछावर अस्पताल पहुंचा तो लोगों व उपस्थित मरीजों के परिजनों ने स्टाफ की कमी के बारे मे उनसे बात कही, लेकिन सिवाए आश्वासन के उन्हें कुछ हासिल नहीं हो सका।

अफसर बोले -
अस्पताल में स्टाफ की कमी है इस समस्या से विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। फिलहाल वैकल्पिक तौर पर दीवडिय़ा अस्पताल मे पदस्थ डॉ. अंकित चांडक की ड्यूटी सप्ताह में तीन दिन इछावर अस्पताल के लिए लगाई गई है। मौसमी बीमारियों से बचने की सलाह भी लोगों को दी जा रही है।
बीबी शर्मा, बीएमओ, सीएचसी इछावर

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