पारा चार डिग्री पर, फिर से पाले की संभावना

उत्तर-पूरबी हवाओं के कारण तापमान में दो डिग्री की गिरावट

By: Kuldeep Saraswat

Published: 30 Dec 2018, 10:14 AM IST

सीहोर/श्यामपुर. उत्तर-पूरबी हवाओं के कारण पारे में दो डिग्री की गिरावट रेकॉर्ड की गई है। पारा चार डिग्री पर पहुंच गया है। पारा चार डिग्री पर पहुंचने के कारण फिर से फसल पर पाला पडऩे की संभावना पैदा हो गई है। फसल को पाले से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञ ने किसानों को फसल की सिंचाई करने की सलाह दी है।

 

आरएके कृषि महाविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि दो डिग्री की गिरावट के बाद शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 24.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री रेकॉर्ड किया गया है। तापमान में गिरावट आने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और फसल पर पाला पडऩे की संभावना बन गई है। डॉ. तोमर ने बताया कि आगामी तीन-चार जनवरी तक मौसम में बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, पारे में गिरावट होने से ठंड का असर तेज होगा। उन्होंने बताया कि उत्तर में हो रही बर्फबारी के कारण मध्यप्रदेश ठंडी हवाओं की चपेट में है, इस समय हवाओं की गति 6 से 8 किलोमीटर प्रति ठंडा रेकॉर्ड की जा रही है। इससे पहले 17 दिसंबर को शहर का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री और अधिकतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड किया गया है।

किसान फसल की करें सुरक्षा
आरएके कृषि महाविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि उत्तर भारत में बर्फबारी होने के कारण मध्यप्रदेश में ठंड का असर दिखाई दे रहा है। शीत लहर और पाले की संभावना बनी हुई है। तोमर ने बताया कि इस समय रबी सीजन की फसल को सुरक्षा की दरकार है। किसान फसल की पाले से सुरक्षा के लिए रात 12 से 2 बजे के आस-पास खेत को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए कूड़ा-कचरा, घास-फूस जलाकर धुआं करें और रात को वायुरोधी टाटिया को हवा आने वाली दिशा की तरफ से बांधकर क्यारियों के किनारों पर लगाएं। खेतों की सिंचाई करनी चाहिए। नमी युक्त जमीन में काफी देर तक गर्मी रहती है और भूमि का तापमान कम नहीं होता है।

फसल पर जमने लगी ओस
पारे में गिरावट आने के साथ ही फसल पर ओस की बूंद जमने लगी है। शुक्रवार सुबह श्यामपुर क्षेत्र में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिला। यहां पर चना, गेहूं और मटर की फसल पर ओस की बूंद जम गईं। सब्जियों की फसल पर इस मौसम का विपरीत प्रभाव पडऩे लगा है। ठंड के कारण सब्जियों के पौधे ठिठुरने लगे हैं।

Kuldeep Saraswat
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned