टैक्सी पर लगाए विराम शुल्क को समाप्त करने की मांग

बस स्टैंड निगरानी समिति ने व्यवस्थओं के सुधार के लिए लगाया है शुल्क

By: Kuldeep Saraswat

Published: 10 Jan 2019, 04:57 PM IST

सीहोर. बस स्टैंड निगरानी समिति ने बस स्टैंड के डेवलपमेंट और व्यवस्थओं के बेहतर संचालन को लेकर बस पर 30 रुपए और टैक्सी पर १५ रुपए विराम शुल्क लगाया है। सीहोर टैक्सी यूनियन इसका विरोध कर रही है। मंगलवार को टैक्सी यूनियन में हड़ताल की और बुधवार को कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा के नाम डिप्टी कलेक्टर राजीव पांडे को ज्ञापन दिया।

सीहोर टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष अतीक मियां ने बताया कि टैक्सी चालक पहले से ही अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। एक दिन में महज 250 रुपए कमाते हैं। टैक्सी चालकों को भारी भरकस टोल टैक्स देना पड़ता है। पहले टैक्सी का थर्ड पार्टी बीमा 10 हजार में होता था, अब 17 हजार में हो रहा है। पहले परिमिट तीन सौ रुपए में मिलता था, अब सात सौ रुपए लग रहे हैं। फिटनेस का भी 800 रुपए की जगह सात हजार रुपए देना पड़ रहा है। स्पीड गवर्नर की कीमत पांच से छह हजार रुपए हैं।

उन्होंने डिप्टी कलेक्टर को बताया कि पहले 4 महीने का क्वार्टर टैक्स 750 रुपए जमा होता था, अब इसे बड़ाकर लाइफ टैक्स कर दिया है, जिसमें 12 से 15 हजार रुपए लगते हैं। टैक्सी चालकों की अर्थिक स्थिति और परेशानी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा स्टैंड पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता है, ऐसी स्थिति में सीहोर टैक्सी स्टैंड पर विराम शुल्क लेना उचित नहीं है। टैक्सी यूनियन ने विराम शुल्क नहीं लेने की मांग की है। इस मौके पर नवाब अली, अमित राठौर, अनिल जोशी, जितेन्द्र जोशी, जितेन्द्र जोशी, वसीम अली, बिहारी लाल, विनोद राठौर, दिनेश मेवाड़ा, रामसिंह परमार, दिनेश मिश्रा, अशोक परमार, हासिम मंसूरी, आसिब बेग, अमीन अली आदि उपस्थित थे।

Kuldeep Saraswat
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