बोर्ड मरीज के दौरान सामरदा और दोराहा में दो नकलची पकड़े

12वीं अंग्रेजी पेपर से अनुपस्थित रहे पांच सैकड़ा से ज्यादा परीक्षार्थी

By: Kuldeep Saraswat

Published: 10 Mar 2019, 11:46 AM IST

सीहोर. बोर्ड परीक्षा के दौरान शनिवार को दो नकल प्रकरण बनाए गए हैं। 12वीं अंगे्रजी के पेपर में एक नकल प्रकरण शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल दोराहा मेंं बनाया गया है और दूसरा शासकीय हाईस्कूल सामरदा में दर्ज किया गया है। परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स को नकल करते फ्लाइंग स्क्वाइड ने पकड़ा है। बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर इस बार पिछली बार से ज्यादा सख्ती है।

जिला शिक्षा अधिकारी एसपी त्रिपाठी ने बताया कि 12वीं अंग्रेजी के पेपर में दर्ज स्टूडेंट्स संख्या के हिसाब से 21 हजार 826 स्टूडेंट्स को बैठना था, लेकिन 21 हजार 291 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए हैं। बोर्ड परीक्षा से करीब 535 बच्चे अनुपस्थित रहे हैं। डीईओ ने बताया कि 12वीं अंग्रेजी का पेपर 99 परीक्षा सेंटर पर कराया गया है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। सीहोर शहर के परीक्षा सेंटर पर भी 12वीं अंग्रेजी का पेपर कराया गया। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट स्कूल के परीक्षा सेंटर पर परीक्षा देने आए स्टूडेंट्स से बात की तो उन्होंने पेपर को सामान्य बताया। स्टूडेंट्स ने कहा कि दो प्रश्न ऐसे जाए हैं, जो घुमाकर पूछे गए हैं, जिसे लेकर कुछ स्टूडेंट्स को समझने में परेशानी हुई है, लेकिन वैसे ऑल ओवर पेपर सामान्य है। परीक्षार्थी रागनी कुशवाह ने बताया कि पेपर में पूछे गए सभी प्रश्न कोर्स के हैं। प्रश्न भी सीधे-सीधे पूछे गए हैं, जिस भी स्टूडेंट्स ने थोड़ी पढ़ाई की है, वह आसानी से पास हो जाएगा और कुछ लोग तो अच्छे अंक लाएंगे। दूसरी स्टूडेंट मधू शर्मा ने बताया कि एक-दो प्रश्न को छोड़कर पूरा पेपर सामान्य रहा है।

'तहजीब और तमीज का फर्क मालूम है, उपयोग करना भूल गएÓ

सीहोर. चन्द्रशेखर आजद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में शनिवार को पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में संत हिरदाराम इंस्टीट्यूट ऑफ मेनेजमेंट बैरागढ की प्रो. शालू पाण्डेय और डॉ. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने स्टूडेंट्स को संबोधित किया। कार्यशाला में प्रथम सत्र में प्राचार्य डॉ. आशा गुप्ता ने छात्राओं को शिक्षा से क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की तरफ बढऩे के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि हमें नई चुनौतियों को समझने की आवश्यकता है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रो. शालू पाण्डेय ने कहा कि तहजीब और तमीज दोनों की जानकारी हमारे पास है, किन्तु हम उसका उपयोग करना भूल गए। जीवन में अच्छा बोलना ही जरूरी नहीं है, दिखना, सोचना एवं करना भी आवश्यक है। एक अच्छा और सफल इंसान वही है, जो छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखते हुए अपने आचार एवं विचारों में समाहित करता है और दूसरों को कभी नीचा दिखाने की कोशिश नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भाषा एक महत्तवपूर्ण विषय है, लेकिन कहां और कैसे बोलना है, इसकी भी जानकारी होना आवश्यक है। द्वितीय सत्र में डॉ. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों को कैसे अपने शिक्षा में सुधार करना चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी अपनी कक्षा में सीखकर जाए।

Kuldeep Saraswat
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