सीहोर जिले में 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही दौड़ सकेंगे रेत के डंपर

सीहोर जिले में 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही दौड़ सकेंगे रेत के डंपर

सीहोर. जिले में नर्मदा नदी से रेत परिवहन करने के लिए इंदौर-भोपाल और होशंगाबाद के डंपरों को सीहोर डीटीओ से परमिट लेना होगा। परमिट उन्हीं रेत डंपरों को दिया जाएगा, जिनमें 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार फिक्स होगी। कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने यह गाइड लाइन रेत का अवैध उत्खनन रोकने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए डीटीओ अनुराग शुक्ला को दी है।

जानकारी के मुताबिक सीहोर जिले की सीमा से रेत का उत्खनन और परिवहन तीन जिले के व्यक्तियों द्वारा किया जाता है। सबसे ज्यादा इंदौर, सीहोर, भोपाल और होशंगाबाद के डंपर रेत परिवहन का काम करते हैं। कलेक्टर ने आदेश दिए है कि रेत का परिवहन करने वाले डंपर की गति 40 किलो मीटर प्रति घंटे रहेगी। गति 40 किलो मीटर प्रति घंटे वाहन में फिक्स है, इसके लिए स्पीड गवर्नर, स्पीड लिमिट डिवाइस की जांच सीहोर डीटीओ से करानी होगी। डीटीओ एक निर्धारित समय के लिए परमिट देंगे और उसके बाद फिर से इसकी जांच करानी होगी।

सीहोर में साढ़े पांच सौ डंपर

डीटीओ शुक्ला ने बताया कि सीहोर जिले में करीब 550 डंपर हैं, जो रेत कारोबार से जुड़े हैं। सभी डंपर मालिकों को मैसेज भेजा जा रहा है कि वह ऑफिस से रेत कारोबार करने के लिए डंपरों के परमिट जारी कराए। परमिट देने के दौरान फिटनेस देखी जाएगी और डंपर की गति 40 किलो मीटर प्रति घंटे तय की जाएगी। डंपर की जांच के लिए नगर पालिका से दो ड्राइवर की डिमांड की गई है। डीटीओ ने बताया कि कलेक्टर मिश्रा के निर्देश के मुताबिक बिना परमिट के रेत का परिवहन करने वालों पर राजस्व और पुलिस अमला मिलकर कार्रवाई करेगा। चैकिंग के लिए नाके बनाए जाएंगे।

रेत उत्खनन रोकने इससे पहले किए गए प्रयास
- सीहोर-बुदनी मार्ग पर रात के समय रेत के डंपरों के दौडऩे पर प्रतिबंध।
- नर्मदा नदी के 10 किलो मीटर क्षेत्र में जेसीबी के प्रवेश पर रोक।
- राजस्व और पुलिस अमले द्वारा लगातार चैकिंग
- रेत की कुछ खदानों से रेत निकालने पर रोक।
- खदानों पर दबिश देकर नाव, डंपर और जेसीबी जब्त करने की कार्रवाई।

फैक्ट-फाइल
जिले में कुल रेत खदान- 14
मिट्टी-मुरम खदान- 143
एक साल में अवैध उत्खनन और परिहवन के दर्ज प्रकरण- 524
रेत से वसूला राजस्व - 3 करोड़ 18 लाख 51 हजार 748
जिले में कितने हैं इंस्पेक्टर- 02

- सुरक्षा और अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए बेलगाम दौड़ते डंपरों पर रोक लगाई गई है। रेत का परिवहन करने वाले सभी डंपर 40 किलो मीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से नहीं दौड़ेंगे। इसके लिए सभी को डीटीओ से परमिट दिए जाएंगे। -अनुराग शुक्ला, डीटीओ सीहोर

 

वीरेंद्र शिल्पी Desk
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