कोचिंग पढ़ाने की अवधि बढ़ाने ली जा रही थी तीन हजार की रिश्वत  

लोकायुक्त की टीम ने स्कूल प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।  जिले में महिलाओं द्वारा रिश्वत लेने का यह पहला मामला है।

By: Bharat pandey

Published: 30 Nov 2016, 11:48 PM IST

कोठरी।  लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को दो महिलाओं (स्कूल प्राचार्य और वार्डन) को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जिले में महिलाओं द्वारा रिश्वत लेने का यह पहला मामला है। दोनों ने शिक्षक को साढ़े दस हजार रुपए का लाभ दिलाने तीन हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। 


लोकायुक्त भोपाल की टीम ने बुधवार को में ग्राम कोठरी के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने स्कूल प्राचार्य रूपश्री नागेश और हॉस्टल वार्डन अर्चना श्रीवास्तव को दो हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। प्राचार्य ने रिश्वत की राशि अपनी अधीनस्थ  अर्चना श्रीवास्तव को दिलाकर बाद में दो हजार रुपए अपने पर्स में रख लिए। लोकायुक्त को कोठरी निवासी छात्रावास के शिक्षक राकेश कुमार वर्मा  ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्राचार्य और वार्डन द्वारा हॉस्टल में कोचिंग पढ़ाने की अवधि तीन माह बढ़ाने के लिए तीन हजार रुपए रिश्वत मांगी जा रही है। कोचिंग पढ़ाने के लिए शासन से प्रतिमाह साढ़े तीन हजार रुपए मानदेय का प्रावधान है। राकेश के तीन माह कोचिंग की समयावधि बढ़ाने पर उसे साढ़े तीन हजार रुपए माह के हिसाब से साढ़े दस हजार रुपए मिलते। इसमें से तीन हजार  की रिश्वत की मांग करने से शुरू हुई बात दो हजार में तय हुई थी।बुधवार को  शिक्षक राकेश ने दो हजार रुपए की राशि  वार्डन अर्चना श्रीवास्तव को सौंपे गए बाद में इस राशि को प्राचार्य रुपश्री नागेश ने अपने पर्स में रखा।लोकायुक्त पुलिस ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
Bharat pandey Desk
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