चौथी बार मुख्यमंत्री बने शिवराज से उनके गृह जिले सीहोर को बहुत उम्मीद

युवा, महिला और जनप्रतिनिधि चाहते हैं विकास, पानी, सौंदर्यीकरण और शिक्षण संस्थान की दरकार

सीहोर. शिवराज सिंह चौहान के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने से उनके गृह जिले सीहोर के जनप्रतिनिधि, युवा, महिला और छात्रों के मन में फिर से काफी उम्मीदें जगी हैं। हर व्यक्ति चाहता है कि शिवराज सिंह इस कार्यकाल में जिले को कुछ ऐसी सौगातें दें, जिससे साढ़े 13 लाख से ज्यादा की आबादी के सपने पूरे कर सकें। इंदौर-भोपाल दो महानगर के बीच स्थित होने के बाद भी जिले का अभी उतना विकास नहीं हुआ है, जितना होना चाहिए। युवा इंजीनियरिंग, मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं। बेरोजगारी चरम पर है। रोजगार के लिए युवा पलायन कर रहे हैं। हर साल गर्मी के सीजन में सीहोर और इछावर विधानसभा क्षेत्र को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है। पर्याप्त सिंचाई के लिए पानी की सुविधा नहीं होने से किसान उन्नत किस्म की खेती नहीं कर पा रहे हैं।

सुंदरवन और शहीद स्थल पर फोकस
सीहोर से भाजपा विधायक सुदेश राय कहते हैं कि बडिय़ाखेड़ी में 100 करोड़ की लागत से औद्योगिक क्षेत्र डेवलप किया जा रहा है। पार्वती-लिंक परियोजना का काम भी शुरू हो गया है। यह दो बड़े काम थे, जो पिछले कार्यकाल में हो गए। अब मेरा फोकस सीवन नदी किनारे स्थित सुंदरवन और शहीद स्थल के डेवलपमेंट की योजना को मंजूरी दिलाने पर है। यदि ये दो काम हो गए तो शहर की पौने दो लाख से अधिक की आबादी को मनोरंजन के लिए दो बड़ी अच्छी जगह मिल जाएंगी, अभी सीहोर में ऐसी कोई जगह नहीं है।


कन्या कॉलेज मिला तो मेरा कार्यकाल सफल
आष्टा से भाजपा विधायक रघुनाथ मालवीय कहते हैं कि आबादी और क्षेत्रफल के हिसाब से देखा जाए तो आष्टा सबसे बड़ी विधानसभा है। दो लाख 50 हजार से ज्यादा वोटर हैं, एक नगर पालिका, दो नगर परिषद और 134 ग्राम पंचायत हैं, लेकिन बेटियों के पढऩे के लिए अलग से कॉलेज नहीं है। मैं मुख्यमंत्री से आष्टा के लिए कन्या कॉलेज की मंजूरी मांगूगा। यदि कन्या कॉलेज खुल गया तो मेरा यह कार्यकाल सफल हो जाएगा। बेटियों के लिए अलग से कॉलेज होना जरूरी है।

नर्मदा का पानी मिल तो आए खुशहाली
इछावर से भाजपा विधायक पूर्व राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में पानी का बहुत संकट है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं। गर्मी के सीजन में पीने के पानी का संकट रहता है। यदि मुख्यमंत्री लंबित नर्मदा लिंक परियोजना का काम पूरा रहा दें और मां नर्मदा का पानी इछावर को मिल जाए तो सब संकट दूर हो जाएंगे। इस बार मेरी प्राथमिकता नर्मदा लिंक परियोजना रहेगी।

सीहोर को मिले बुदनी की तरह उद्योग
नगर पालिका सीहोर की अध्यक्ष अमिता अरोरा ने बताया कि सबसे बड़ा संकट बेरोजगारी है। शुगर फैक्ट्री बंद हो गई है, यदि चालू हो जाए तो बहुत अच्छी बात है। यदि चालू नहीं हो सकती तो इसकी जमीन का लंबित प्रकरण निपटने के बाद इसकी जमीन पर बुदनी की तरह कोई दो-चार बड़े उद्योग खुल जाएं तो युवाओं से सपने साकार हो जाएंगे। बडियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बड़े उद्योग स्थापित कराने के लिए मैं मुख्यमंत्री जी से मांग करूंगी। इसके साथ ही नगर पालिका और परिषदों को पहले की तरह संविदा भर्ती के अधिकार मिलें, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जा सके।

Kuldeep Saraswat Reporting
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