scriptspecialty and rate of Sharbati wheat | 'शरबती गेहूं' की डिमांड सबसे अधिक, बढ़ गए हैं रेट, जानिए क्यों खास है ये गेंहू | Patrika News

'शरबती गेहूं' की डिमांड सबसे अधिक, बढ़ गए हैं रेट, जानिए क्यों खास है ये गेंहू


शरबती गेहूं सीहोर के साथ नरसिंहपुर, नर्मदापुर, हरदा, अशोकनगर, भोपाल और मालवा के जिलों में बोया जाता है....

सीहोर

Updated: April 21, 2022 03:10:14 pm

सीहोर। देश में गेहूं की सबसे प्रीमियम किस्म शरबती ही है। इसे 'द गोल्डन ग्रेन' भी कहा जाता है, इसका रंग सुनहरा होता है। शरबती में गेहूं की दूसरी किस्मों की तुलना में ग्लूकोज और सुक्रोज जैसे सरल शर्करा की मात्रा अधिक होती है। सीहोर में इसकी सबसे ज्यादा पैदावार होती है। सीहोर क्षेत्र में काली और जलोढ़ उपजाऊ मिट्टी हैं, जो शरबती गेहूं के लिए सबसे बेहतर होती है। शरबती गेहूं सीहोर के साथ नरसिंहपुर, नर्मदापुर, हरदा, अशोकनगर, भोपाल और मालवा के जिलों में बोया जाता है।

capture_1.jpg
Sharbati wheat

ये है किसानों की पीड़ा

किसान हीरालाल ने बताया कि पहले अधिकांश किसान शरबती ही पैदा करते थे। अब दूसरी अधिक उत्पादन वाली किस्म आ गई है, लोकवन 2100-2200 और शरबती 2800 रुपए बिकता है। शरबती गेहूं अच्छा है, लेकिन लोकल में इसकी कद्र नहीं है। सरकार शरबती गेहूं का किसानों से खरीदकर खुद निर्यात कर सकती है, बहुत फायदा होगा। किसान जगदीश वर्मा ने बताया सीहोर का शरवती गेहूं विदेशों तक जाता है, लेकिन लोकल में भाव सही के साथ कृषि उपज मंडी में भी भाव नहीं मिलता है, इसलिए उत्पादन कम ऐसा भाव मिल रहा है।

capture_2.jpg

रमाशंकर जाट, डीडीए सीहोर का कहना है कि शरबती गेहूं की पैदावार दूसरी किस्म की अपेक्षा कम है, इसलिए किसान इसका रकबा कम रह रहे हैं। सीहोर की पहचान शरबती के कारण पूरे देश में बनी हुई है, यहां का गेहूं कई प्रदेश और विदेश तक जाता है। इस बार भाव बीते सालों की अपेक्षा अच्छा मिल रहा है।

शरबती को लेकर किसानों की पीड़ा

साल 2018 में आष्टामंडी में शरबती गेहूं 4701 रुपए क्विंटल तक बिका था। इसके बाद साल 2020 में अधिकतम भाव 4110 रुपए प्रति क्विंटल रहा था। इस बार शरबती गेहूं ने अभी तक के पुराने रेकॉर्ड तोड़ शान कहा जाने वाला शरबती गेहूं 5612 रुपए प्रति क्विंटल बिका है।

जिले में 70 हजार किसान के स्लॉट बुक

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों के स्लॉट बुक किए जा रहे हैं। स्लॉट बुक करने के लिए 17 अप्रेल आखिरी तारीख थी, अब इसे बढञाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। जिलेभर में 94 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें से अभी तक करीब 70 हजार ने स्लॉट बुक कराए हैं। किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के साथ कृषि उपज मंडी में भी भाव अच्छे होने के कारण बेचने जा रहे हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

पंजाब CM भगवंत मान ने स्वास्थ्य मंत्री को भ्रष्टाचार के आरोप में किया बर्खास्त, मामला दर्जकहां रहता है मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम? भांजे अलीशाह ने ED के सामने किया खुलासाहेमंत सोरेन माइनिंग लीज केस में PIL की मेंटेनेबिलिटी पर झारखण्ड हाईकोर्ट में 1 जून को सुनवाईकांग्रेस की Task Force-2024 और पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी का ऐलान, जानिए सोनिया गांधी ने किन को दिया मौकापाकिस्तान ने भेजी है विषकन्या: राजस्थान इंटेलिजेंस ने सेना को तस्वीरें भेज कर किया अलर्टये है प्लेऑफ में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट, 8 में से 7 खिलाड़ी एक ही टीम केकुतुब मीनार केसः साकेत कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी, 9 जून को अदालत सुनाएगी फैसलाPooja Singhal Case: झारखंड की 6 और बिहार के मुजफ्फरपुर में ED की एक साथ छापेमारी, अहम सुराग मिलने की उम्मीद
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.