रातभर बेटियों को खोजते रहे परिजन, सुबह घर के पीछे कुएं में उतराते मिले तीनों के शव

कुएं में डूबने से दो सगी और एक चचेरी बहन की मौत, पुलिस ने कुएं से निकालकर पीएम के लिए भेजे शव

By: Kuldeep Saraswat

Updated: 20 Jul 2020, 12:08 PM IST

सीहोर. बिलकिसगंज थाने के सोहनखेड़ा गांव में घर के पीछे महज 100 फीट की दूरी पर स्थित एक कुएं में डूबने से तीन बहनों की मौत हो गई। सबसे बड़ी बहन आठ साल की है। बालिकाएं शनिवार शाम चार बजे से लापता थीं, परिजन गांव में तलाश कर रहे थे, रातभर खोज की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह जब घर के पीछे देखा तो सब दंग रह गए, बालिकाओं के शव कुएं में उतरा रहे थे। पुलिस ने एक बड़ी और दो छोटी सगी चचेरी बहनों के शव कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए मरुचुरी भेजे। पीएम के बाद शव परिजन को सौंप दिए हैं। जिला प्रशासन ने पीडि़त परिवार को आर्थिक मदद के लिए चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बात कही है।

एएसपी समीर यादव ने बताया कि सोहनखेड़ा निवासी माधव सिंह कोरकू अपने छोटे भाई आत्माराम कोरकू के साथ गांव से दूर खेत पर कच्चा मकान बनाकर रहते हैं। शनिवार को परिवार खेत में निदाई कर रहा था, तभी माधव कोरकू की 8 वर्षीय बेटी लक्ष्मी कोरकू और आत्माराम कोरकू की दो बेटी 6 वर्षीय राधिका व उसकी बहन 7 वर्षीय रानिका गायब हो गईं। पहले परिजन ने समझा गांव में खेलने चली गई होंगी, लेकिन जब देर रात तक नहीं लौटीं तो परिजन ने तलाश शुरू की। परिजन रातभर गांव में बालिकाओं की तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह बिलकिसगंज थाने शिकायत करने पहुंचे तभी गांव से सूचना मिली कि कुएं में दो बालिकाओं के शव तैर रहे हैं, तभी कुएं पर पहुंचे और बालिकाओं के शव बाहर निकालकर पीएम के लिए भेजे। एक ही परिवार की तीन बालिकाओं की मौत से गांव में मातम छा गया है।

एक दूसरे को बचाने के फेर में डूबीं बालिकाएं
एक ही परिवार की तीन बालिकाओं की मौत की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर यादव, एसडीएम बृजेश सक्सेना सोहनखेड़ा गांव पहुंच गए। एएसपी यादव ने बताया कि पुलिस ने बालिकाओं के शव कुएं से बाहर निकाले तो देखा गया कि बालिकाएं एक-दूसरे के बाल पकड़े हुए हैं, जिसे देखकर लगता है कि एक दूसरे को बचाने के फेर में डूबीं हैं। पहले कोई एक डूबी बालिका कुएं में गिरी होगी, पानी ऊपर तक भरा है, उसे बचाने के चक्कर में दूसरे दो भी गिर गईं।


कुएं में ऊपर तक भरा पानी, सुरक्षा के लिए कुछ नहीं
कोरकू परिवार की तीन बेटियों की मौत जिस कुए में डूबने से हुई है, वह उनका खुद का निजी कुआं है। बारिश का सीजन होने के कारण कुआं में ऊपर तक पानी भरा है, सुरक्षा के लिए आसपास न तो मुंडेर बनाई गई है और न ही तार फैंसिंग की गई है। पुलिस ने बताया कि माधव कोरकू और आत्माराम कोरकू का परिवार इसी कुएं पर नहाता और कपड़ा धोता है। कुएं की मुंडेर बनी होती तो संभवत: हादसा नहीं होता।


वर्जन...
- एक ही परिवार की तीन बालिकाओं की मौत दु:खद है। परिजन को आर्थिक सहायता के रूप में जिला प्रशासन की तरफ से चार-चार लाख रुपए स्वीकृत किए जा रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर यह लग रहा है कि बालिकाएं एक दूसरे को बचाने के चक्कर में डूबी हैं।
समीर यादव, एएसपी सीहोर

Kuldeep Saraswat
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