संयुक्त संचालक ने नपा अधिकारियों को कहा, कुछ भी करों जलसंकट की समस्या दूर होना चाहिए

संयुक्त संचालक ने नपा अधिकारियों को कहा, कुछ भी करों जलसंकट की समस्या दूर होना चाहिए

Anil Kumar | Publish: Mar, 17 2019 12:14:51 PM (IST) Sehore, Sehore, Madhya Pradesh, India

आष्टा, जावर पहुंचकर किया निरीक्षण, लिया जायजा

आष्टा/जावर। जिले के आष्टा ब्लॉक में बिगड़े जलसंकट को देख अफसर हरकत में आए हैं। इस समस्या को देखने नगरीय प्रशासन भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक एसके दुबे और कार्यपालन यंत्री राकेश रावत आष्टा पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने नगर पालिका अमले को स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की व्यवस्था करों, लेकिन जलसंकट दूर होना चाहिए। इसी प्रकार नगर पंचायत जावर पहुंचकर भी अमले को दिशा निर्देश दिए हैं।


संयुक्त संचालक, कार्यपालन यंत्री ने आष्टा आकर सबसे पहले एसडीएम राजेश शुक्ला और नगर पालिका अमले के साथ बागैर तालाब पहुंचकर पानी का जायजा लिया। तालाब में पानी का स्तर पता करने के बाद वापस आष्टा आते ही भोपाल नाका पर हुए दो नवीन बोर को देखा। यहां से बांसबेड़ा और पार्वती नदी में हुए बोर को भी देखने के बाद नपा अमले से पानी को लेकर क्या स्थिति चल रही है उसकी जानकारी ली।

संयुक्त संचालक ने नपा अधिकारियों को कहा कि जरूरत लगे तो और बोर खनन कराने के साथ निजी बोर का अधिग्रहण करें, लेकिन पानी समस्या को दूर किया जाए। संयुक्त संचालक ने रामपुरा से डल रही पाइप लाइन के बारे में भी पूछताछ की और इसका कार्य जल्द पूरा करने की बात कही। बता दे कि आष्टा में पार्वती नदी का पानी समाप्त होने के बाद नगर पालिका दो दिन छोड़कर करीब ३० लाख लीटर पानी सप्लाई कर रही है। उसके बावजूद पानी की पूर्ति नहीं होने से लोगों को भटकना पड़ रहा है।

जावर में इंटेकवेल का किया निरीक्षण
संयुक्त संचालक ने नगर पंचायत जावर पहुंचकर इंटेकवेल का जायजा लेकर नवीन बोर खनन के बारे में भी जानकारी ली। उपस्थित नपं अमले को भी पानी की समस्या हर हाल में दूर करने के निर्देश दिए। बता दे कि एक सप्ताह पूर्व कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने भी आष्टा और जावर पहुंचकर पानी की समस्या दूर निजी बोर अधिग्रहण करने के निर्देश दिए थे।

निर्माण कार्य के नाम पर की जा रही पानी की बर्बादी
इधर नागरिकों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाकर बताया कि नगर में भीषण जल समस्या बनती जा रही है। उसके बावजूद रामपुरा डेम से नगर को जल सप्लाई के लिए प्रस्तावित पाइप लाइन का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। इस निर्माण कार्य को तेज गति से करने की अपेक्षा आष्टा में शंकर मंदिर के सामने एवं अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है।

निर्माण कार्यो में तराई एवं अन्य कार्यो के लिए बड़े पैमाने पर पानी का उपयोग हो रहा है, जबकि पानी को नगर की जल समस्या के निवारण में प्रयोग करना चाहिए। नगर में जारी सभी शासकीय निर्माण कार्यो पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए। शंकर मंदिर के पास चल रहे काम को भी पूरा किया जाए। ज्ञापन में यह भी बताया कि खेड़ापति और काला तालाब से आष्टा नगर को जल सप्लाई किया जा रहा है।

नगर के नागरिक इस जल को दैनिक उपयोग के अलावा पीने के काम में भी ले रहे हैं। जबकि तालाब के चारों ओर गंदगी व्याप्त है। तालाब में जो पानी है वह तालाब के सामने कन्नौद रोड की नाली का पानी है। इसका लोगों के उपयोग करने से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इस अवसर पर अतुल शर्मा, हिउस अध्यक्ष रूपेश राठौर, विशाल चौरसिया, सुदीप जायसवाल, हेमन्त गिरि, शैलेन्द्र गिरि, रोहित सोनी, संजय वर्मा, कमलेश विश्वकर्मा, भविष्य कालू भट्ट थे।

निर्देश दिए हैं
हमारी तरफ से नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो उसे देखते हुए पूरा प्रयास किया जा रहा है। संयुक्त संचालक के दिए निर्देश को भी अमल में लाकर काम किया जाएगा।
देवेंद्र चौहान, नगर पालिका आष्टा

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