पानी के तेज बहाव से कागज की तरह टुकड़े-टुकड़े हो गई भ्रष्टाचार की नहर

किसान के खेतों के बीच बन गया नाला, 19 दिन बाद भी कोई अफसर नहीं गया देखने

By: Kuldeep Saraswat

Published: 19 Sep 2020, 01:55 AM IST

सीहोर. इछावर तहसील में निर्माणाधीन सीप-कोलार लिंक परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। कालियादेव डैम से निकले पानी के तेज बहाव से अलीपुर ग्राम पंचायत के पास नहर कागज की तरह टुकड़े-टुकड़े हो गई है और किसानों के खेत के बीच से नाला बन गया है। नहर 28-29 अगस्त को हुई तेज बारिश के दौरान फूटी, लेकिन अभी तक एक भी अफसर देखने नहीं पहुंचा है। किसान एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करा चुके, लेकिन अफसर चुप्पी साधे हुए हैं। नहर फूटने के बाद खेतों से निकले पानी ने न केवल किसानों की सोयाबीन बर्बाद की है, बल्कि खेतों के बीच इतना चौड़ा नाला बन गया है कि किसान आगे खेती भी नहीं कर पाएंगे। किसान सीप-कोलार लिंक परियोजना का काम करने वाली कंपनी पर काम घटिया कर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अफसर मौका मुआयना करने तक नहीं पहुंचे हैं।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साल 2012 में सीप-कोलार लिंक परियोजना को स्वीकृति दी। 115 करोड़ इस परियोजना का काम 2014 में शुरू किया गया था, जो 2016 तक पूरा होना था, लेकिन निर्माण एजेंसी और जल संसाधन विभाग की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य अभी भी अधर में लटका हुआ है। अलीपुर के पीडि़त किसान सेवाराम बारेला ने बताया कि तेज बारिश के दौरान कालियादेव डैम ओवर फ्लो हो गया। पानी के तेज बहाव से परियोजना की नहर चार जगह से फूट गई। किसानों के खेत में काफी चौड़ा नाला बन गया है। इछावर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन दे दिया, लेकिन अभी तक कोई देखने नहीं आया है। किसान ने बताया कि परियोजना पिछले साल भी परियोजना के तहत बनाया गया स्टॉप डैम फूट गया था, हमारी जमीन डैम के पास ही है, पिछले साल काफी नुकसान हुआ था, किसी ने सुनवाई नहीं की।

प्रदेश की अनौखी परियोजना
सीप कोलार परियोजना प्रदेश की पहली परियोजना है जिसमें एक नदी का पानी लिफ्ट कर डैम में छोड़ा जाएगा और पानी लिफ्ट करने के लिए विद्युत मोटर का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके लिए सीप नदी पर एक 22 मीटर ऊंचा कांक्रीट का डैम बनाया गया है। इस डैम से एक कांक्रीट की नहर निकाली गई है। इस नहर का पानी कालियादेव के पास नाले पर बनाए गए दूसरे डैम में आएगा, यहां से घोड़ा पछाड़ नाले पर बने डैम में पहुंचेगा।


सीएम की महत्वाकांक्षी परियोजना
30 अक्टूबर 2017 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई, जिसमें सीप कोलार लिंक परियोजना के लिए 137 करोड़ 21 लाख 5 हजार रुपए की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। परियोजना से सीहोर जिले की इछावर तहसील के 13 ग्राम को रबी में 6100 हेक्टेयर और खरीफ में 2600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ प्राप्त होगा, लेकिन यह परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है।

कौन क्या कहता है...
- नहर फूटे हुए 15 दिन से ज्यादा समय हो गया, लेकिन अभी तक कोई अफसर देखने तक नहीं आया है। पूरी सीप-कोलार लिंक परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। ठेकेदार से किसानों के नुकसान की बात की तो बोला, अभी जेसीबी नहीं जा सकती है।
जीवन सिंह, सरपंच अलीपुर ग्राम पंचायत


- अभी नहर शुरू भी नहीं हुई थी, उससे पहले ही टूटने लगी है। पानी से खेतों के बीच नाला बन गया है। अब तक कोई अधिकारी हमारी सुध लेने के लिए नहीं आया है। किसानों ने एसडीएम कार्यालय में लिखित आवेदन भी दिया है।
जितेंद्र सिंह, पीडि़त किसान


- नहर सीप-कोलार लिंक परियोजना की नहीं है। एक डैम है घोड़ा पछाड़ का, उसकी नहर है। मैं मौके पर तो नहीं गया, एक एसडीओ हैं, जल संसाधन विभाग के उनसे दिखवाया था।
बृजेश सक्सेना, एसडीएम इछावर

Kuldeep Saraswat
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