'जिस छात्रा को पिछले साल बोर्ड ने अपात्र घोषित किया, वह इस साल दे रही 12वीं की परीक्षाÓ

'जिस छात्रा को पिछले साल बोर्ड ने अपात्र घोषित किया, वह इस साल दे रही 12वीं की परीक्षाÓ

Sunil Mishra | Publish: Mar, 25 2019 09:15:15 AM (IST) | Updated: Mar, 25 2019 09:15:16 AM (IST) Sehore, Sehore, Madhya Pradesh, India

शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल मैना में पदस्थ शासकीय शिक्षक ने किया खुलासा, हायर सेकंडरी स्कूल मैना में दे रही है बालिका परीक्षा

सीहोर. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड परीक्षा में पिछले साल जिस बालिका को अयोग्य घोषित किया था, वह इस साल फिर से हायर सेकंडरी स्कूल मैना बोर्ड परीक्षा केन्द्र क्रमांक 641032 पर 12वीं की परीक्षा दे रही है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सीहोर की तरफ से गठित कमेटी को एक शिकायत की जांच में इस बालिका के पास 10वीं की अंकसूची और टीसी नहीं मिली थी।

पर्याप्त योग्यता के दस्तावेज नहीं होने पर बोर्ड ने छात्रा को अयोग्य घोषित कर दिया, लेकिन शिक्षा माफिया ने फिर से इस बालिका सोनम पुत्र दिनेश खाती (परिवर्तित नाम) को प्रायवेट स्कूल आदर्श एकडमी हायर सेकंडरी मैना से 12वीं की परीक्षा में शामिल कराया है। आदर्श एकडमी हायर सेकंडरी स्कूल मैना द्वारा पिछली साल किए गए फर्जीवाड़े को लेकर शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह पहले मान्यता खत्म कर दी है, लेकिन इस स्कूल के कई फर्जी स्टूडेंट्स अभी भी बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। यह खुलासा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैना में पदस्थ अध्यापक पुरूषोत्म मंडलोई ने किया है। अध्यापक मंडलोई ने बताया कि उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एसपी त्रिपाठी से भी शिकायत की है। मंडलोई ने प्राइवेट स्कूलों के फर्जीवाड़े को लेकर 16 मार्च को एक शिकायत आष्टा के पार्वती थाने में भी की है। पार्वती थाना प्रभारी के नाम दिए गए ज्ञापन में अध्यापक ने लिखा है कि आदर्श एकडमी हायर सेकंडरी स्कूल मैना के प्राचार्य जगदीश परमार और कुछ दूसरे लोग जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं, हालांकि पुलिस ने अध्यापक की शिकायत पर अभी कोई अपराध दर्ज नहीं किया है। मालूम हो, बोर्ड परीक्षा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैना में पदस्थ अध्यापक पुरूषोत्म मंडलोई की ड्यूटी बीईओ के साथ नकल रोकने के पैनल में लगी है।

पेपर लीक करने वाले स्कूल संचालक गायब
शनिवार को 12वीं की परीक्षा प्रारंभ होने के करीब 34 मिनट पहले गणित का पेपर लीक करने वाला निजी स्कूल संचालक गायब है। शिक्षा विभाग से उसकी तलाश कर रही है, लेकिन वह अभी तक नहीं मिला है। शिक्षा विभाग की टीम से पेपर लीक करने वाले प्राइवेट स्कूल संचालक की मुलाकात नहीं होने के कारण जांच पूरी नहीं हो पा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी एसपी त्रिपाठी ने बताया कि पेपर वाट्सअप गु्रप में अपलोड करने वाले व्यक्ति से बात नहीं हो पा रही है, इसलिए जांच पूरी नहीं हो सकी है।

शिक्षा माफिया ने बोर्ड परीक्षा का उठाया मजाक
सीहोर जिले में सरकारी से ज्यादा प्राइवेट स्कूल हैं। प्राइवेट स्कूल संचालक बोर्ड परीक्षा का मजाक उड़ा रहे हैं। नकल कराने से लेकर फर्जी दस्तावेज की मदद से बोर्ड परीक्षा दिलाने तक का ठेका निजी स्कूल संचालक ले रहे हैं। इस बार कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने शिक्षा माफियाओं पर कुछ शिकंजा कसने का प्रयास किया है, लेकिन इसका असर होने में समय लगेगा। सीहोर में शिक्षा माफियाओं की यह मनमानी लंबे सयम से चली जा रही है।

-वर्जन...
- जिस प्राइवेट स्कूल की मान्यता खत्म हुई है, उनके स्टूडेंट्स की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सब सामने आ जाएगा। स्टूडेंट्स से ज्यादा फोकस फर्जीवाड़ा करने वाले स्कूलों पर है। -एसपी त्रिपाठी, डीइओ सीहोर

 

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