वैक्सीनेशन सेंटर 20 से घटाकर चार किए, अब सप्ताह में चार दिन लगेगा कोरोना टीका

सीहोर से आष्टा सिविल अस्पताल पहुंची कोरोना वैक्सीन, पूजा-अर्चना कर सुरक्षित रखा शीत केन्द्र में

By: Kuldeep Saraswat

Published: 15 Jan 2021, 11:32 AM IST

सीहोर. कोरोना वैक्सीनेशन के कार्यक्रम में फिर बदलाव किया गया है। पहले जहां चार दिन में पहला चरण पूरा करना तय कया गया था, वहीं अब नए कार्यक्रम के अनुसार सप्तह में चार दिन सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को टीका लगाया जाएगा। कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत 16 जनवरी से होनी है। सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि अब केवल चार सेंटर जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल आष्टा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बुदनी और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र श्यामपुर पर टीका लगाया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. डेहरिया ने बताया प्रत्येक सत्र में 100 हेल्थ वर्कर्स को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एक दिन में चार सत्र होंगे यानी एक दिन में 400 वैक्सीन लगाई जाएगी। प्रत्येक टीकाकरण सत्र के लिए एक-एक दल की ड्यूटी लगाई गई है, एक दल में छह कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

हर सेंटर के लिए भेजी 440 वैक्सीन
आष्टा. बहुप्रतिक्षित कोरोना वैक्सीन गुरुवार को 3.30 बजे सिविल अस्पताल आष्टा पहुंच गई। सिविल अस्पताल के शीत केन्द्र पर विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, एसडीएम विजय कुमार मंडलोई, बीएमओ प्रवीर गुप्ता ने वैक्सीन को रिसीव किया। वैक्सीन वैन की पूजा अर्चना कर कोविड-19 टीका को बाहर निकालकर शीत केन्द्र में रखा गया। सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि वैक्सीन के 440 डोज हर सेंटर पर भेजे गए हैं। जिस चरण में जितनी वैक्सीन की जरूरत होती सेंटर पर पहुंचा दी जाएंगी। पहले चरण में अभी एक सेंटर पर 400 वैक्सीन का ही उपयोग किया जाएगा।

किसे नहीं लगेगा वैक्सीन
- गर्भवती महिलाओं को अभी कोरोना वैक्सीन नहीं लगाया जाएगा।
- 18 साल से कम आयु वाले व्यक्ति को अभी कोरोना वैक्सीन नहीं लगेगा। 18 साल से ऊपर में कोई लिमिट नहीं है।
- एलर्जी वाले व्यक्ति को, पहले से बीमार चल रहे व्यक्ति को अभी कोरोना वैक्सीन नहीं लगाया जाएगा।
- हेल्थ वर्कर्स के लिए भी टीका स्वैच्छिक है, यदि कोई नहीं लगवाना चाहता है तो जबरदस्ती नहीं की जाएगी।

कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट से डरें नहीं
बुखार : कोरोना वैक्सीन लगने के बाद बुखार और बहुज ज्यादा ठंड लगने जैसे साइड इफेक्ट सामने आ सकते हैं। इससे डरने की जरूरत नहीं है, कई बार यह जब शरीर में एंटीबॉर्ड बनाता है तो इंसान को हल्का या तेज बुखार हो सकता है।
सिरदर्द : वैक्सीन लगने के बाद सिरदर्द हो सकता है। वैक्सीन लगने के बाद रोगी को तेज सिरदर्द की समस्या हो सकती है। सिरदर्द मानसिक तनाव, चिढ़चिढ़ापन और मूड स्विंग जैसी दिक्कत हर वैक्सीन के बाद होती है।
उल्टी : किसी भी वैक्सीन का असर इंसान के गैस्ट्रोइंटसटाइनल सिस्टम पर पड़ता है। इसलिए उल्टी, जी मिचलाना, घबराहत और पेट में ऐंठन जैसे लक्षण सामान्य हैं।

वैक्सीनेशन सेंटर 20 से घटाकर चार किए, अब सप्ताह में चार दिन लगेगा  कोरोना टीका

दूसरे वैक्सीन और कोरोना वैक्सीन में खास अंतर
दूसरा वैक्सीन : भारत में लगने वाले अधिकांश वैक्सीन बच्चों को अधिकतम 10 साल की आयु तक लगाया जाता है। बच्चा पैदा होने के साथ ही वैक्सीनेशन शुरू हो जाता है।
कोरोना वैक्सीन : यह एक ऐसा वैक्सीन है, जिसे बच्चों को नहीं लगाना है। इसे 18 साल से अधिक आयु वाले व्यक्ति को ही दिया जाएगा। बच्चों की रोग प्रतिरोधी क्षमता सबसे ज्यादा होती है।

सुरक्षा के इंतजाम : ऑब्जरर्वेशन रूम में ही एक एईएफआई कक्ष होगा, जहां एक बेड और डॉक्टर तैनात रहेगा। वैक्सीन लगने के बाद तीस मिनट तक ऑब्जरर्वेशन में रखा जाएगा। वैक्सीनेशन रूम में एएनएम के पास एनाफाइलिस किट उपलब्ध रहेगी। बाहर 108 एम्बुलेंस तैयार खड़ी रहेगी, जिससे कि जरूरत पडऩे पर तत्काल उपयोग किया जा सके। सभी चार टीकारण स्थान के लिए जिला स्तर से 4 जोनल ऑफिसर बनाए गए हैं, जो निरंतर मॉनीटरिंग करेंगे।


खास-खास
हमें मिले हैं 8300 डोज
ऑनलाइन 6980 हेल्थ वर्कर्स का पंजीयन
एक दिन में 400 हेल्थ वर्कर्स को लगेगी वैक्सीन
वैक्सीनेशन के लिए बनाए चार जोनल ऑफिसर
वैक्सीनेशन के एक दल में चार व्यक्ति

 

कुछ खास सवाल और जबाव
प्रश्न : पहले 20 सेंटर पर वैक्सीनेशन था। हमारा सेंटर लिस्ट से हट गया, अब हम कहां जाएंगे।
जबाव : पंजीकृत हेल्थ वर्कर्स को मैसेज भेजकर टीकाकरण के लिए बुलाया जाएगा। मोबाइल पर मिले मैसेज से सब स्पष्ट हो जाएगा।

प्रश्न : पहले कभी टीका नहीं लगवाया, ऐसे में कोई दिक्कत तो नहीं होगी।
जबाव : हर टीका पहली बार ही लगता है, इसमें कुछ भी डरने जैसा नहीं है। टीके के लिए बीते एक सप्ताह से व्यक्ति स्वस्थ होना चाहिए।

प्रश्न : हम टीकाकरण में कैसे सहयोग करें।
जबाव : टीकाकरण के लिए जाते समय डरे नहीं। ढीले कपड़े पहनकर जाएं, जिससे टीका आसानी से लगाया जा सके।

प्रश्न : हमें किसी को मदद के लिए साथ लेकर तो नहीं जाना है।
जबाव : किसी व्यक्ति को साथ लेकर जाने की जरूरत नहीं है। टीकाकरण कक्ष में एक अकेले व्यक्ति को ही एंट्री दी जाएगी। वह आइडी प्रूफ साथ लेकर जाना है, जिसके जरिए पंजीयन कराया है, टीका के लिए वह बेहद जरूरी दस्तावेज है।

Kuldeep Saraswat
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